नैनीताल – तहसील क्षेत्र के धारी/तल्लीताल अंतर्गत भदौरी गांव में 24 अप्रैल 2026 को हुई एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस जांच पूरी हो गई है। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मौत मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण हुई और इसमें किसी प्रकार की आपराधिक साजिश के साक्ष्य नहीं मिले हैं।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन्यजीव हमले की आशंका जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंची। क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस ने मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज भेजा। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि मृतक की मृत्यु किसी वन्यजीव के हमले से हुई, जिसमें शरीर पर कई गंभीर चोटें (मल्टीपल इंजरी) पाई गईं। इससे यह पुष्टि हो गई कि घटना पूरी तरह मानव-वन्यजीव संघर्ष से संबंधित है।
नैनीताल पुलिस ने मामले की गहन जांच कर सभी पहलुओं का परीक्षण किया और निष्कर्ष निकाला कि इसमें किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि शामिल नहीं है।
प्रशासन और पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखते हुए प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही वन्यजीव प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहने और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
यह घटना एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को उजागर करती है, जिस पर प्रशासन और संबंधित विभागों को लगातार सतर्क रहने की आवश्यकता है।

