उत्तराखण्ड काशीपुर ज़रा हटके

पुलिस कार्रवाई के बाद भी कांग्रेस आक्रामक, सुखवंत केस में बड़े अफसरों पर सवाल….

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काशीपुर – किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में पंतनगर पुलिस के अंतर्गत कोतवाली आईटीआई प्रभारी समेत दो पुलिस कर्मियों के निलंबन और पैगा पुलिस चौकी के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर किए जाने के बावजूद कांग्रेस पार्टी सरकार और पुलिस प्रशासन से संतुष्ट नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मामले में प्रदेश सरकार और उधम सिंह नगर पुलिस को किसी भी स्तर पर जवाबदेही से बचने नहीं देगी।

शनिवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ग्राम पैगा स्थित मृतक किसान सुखवंत सिंह के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी और न्याय दिलाने का भरोसा जताया।

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इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ मृतक के परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि सुखवंत सिंह के पिता ने जो न्याय की उम्मीद कांग्रेस से लगाई है, पार्टी उसे हर हाल में पूरा करेगी। गोदियाल ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में पुलिस कप्तान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और वह पूरे घटनाक्रम के केंद्र में हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए कहा कि यदि सरकार के सबसे भरोसेमंद अधिकारी ही इस तरह के मामलों में संलिप्त हों, तो प्रदेश कैसे आगे बढ़ेगा।

वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि यह कोई राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि न्याय की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि सुखवंत सिंह द्वारा आत्महत्या से पहले जारी किए गए वायरल वीडियो में उसकी पीड़ा और प्रताड़ना साफ झलकती है। आर्य ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने माफियाओं के साथ मिलकर किसान को इस हद तक मानसिक रूप से तोड़ दिया कि उसे आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।

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यशपाल आर्य ने कहा कि हालांकि निचले स्तर के कुछ पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है, लेकिन जिन वरिष्ठ अधिकारियों के नाम वीडियो में सामने आए हैं, उन पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से उठाएगी और जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। कांग्रेस नेताओं की इस यात्रा के बाद एक बार फिर यह मामला प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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