उत्तराखण्ड उधम सिंह नगर क्राइम

रूह कंपा देने वाले हत्याकांड की गुत्थी अब तक बरकरार, AI से तलाशे जा रहे सुराग

ख़बर शेयर करें -

दिनेशपुर/उधम सिंह नगर – 23 अक्टूबर 2024… यह वह तारीख थी जिसने दिनेशपुर समेत पूरे उधम सिंह नगर जिले को झकझोर कर रख दिया था। दिनेशपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर के पास सड़क किनारे एक संदिग्ध बैग मिलने की सूचना से इलाके में सनसनी फैल गई थी।

जब पुलिस ने बैग खोलकर देखा तो मौके पर मौजूद हर व्यक्ति सन्न रह गया। बैग के भीतर लगभग 25 से 30 वर्षीय एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ। महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में था और शरीर को बेरहमी से मोड़कर बैग में ठूंसा गया था। घटना की भयावहता ने हर किसी की रूह कंपा दी थी।

यह भी पढ़ें 👉  20 नशीले इंजेक्शनों के साथ दबोचा गया शातिर अपराधी, लंबे समय से पुलिस को दे रहा था चकमा

प्रथम दृष्टया मामला निर्मम हत्या का प्रतीत हुआ। जिस क्रूरता के साथ शव को बैग में भरा गया था, उससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता था कि महिला ने मौत से पहले कितनी यातनाएं सही होंगी।

घटना के बाद उधम सिंह नगर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों का गठन किया। पुलिस ने उत्तराखंड सहित कई राज्यों में लापता महिलाओं का रिकॉर्ड खंगाला, विभिन्न जिलों में पूछताछ की और कई पहलुओं पर जांच आगे बढ़ाई। लेकिन घटना के करीब 566 दिन बीत जाने के बाद भी महिला की पहचान नहीं हो सकी है।

यह भी पढ़ें 👉  चमोली में दर्दनाक हादसा: पिता की डांट के बाद किशोरी का आत्मघाती कदम

सबसे बड़ा सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर वह महिला कौन थी? वह कहां की रहने वाली थी? किसकी बेटी, बहन या पत्नी थी?

अब इस रहस्यमयी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस ने आधुनिक AI तकनीक का सहारा लिया है। पुलिस द्वारा महिला के चेहरे की संभावित तस्वीरें तैयार कर आमजन से पहचान में सहयोग की अपील की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र से मिली बड़ी सफलता, सात दुकानों में चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

पुलिस का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को महिला के संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी हो तो वह तत्काल पुलिस को सूचना दे। सूचना देने वाले व्यक्ति को ₹50 हजार का इनाम दिया जाएगा और उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

पुलिस और प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि इस खबर को अधिक से अधिक साझा करें, ताकि संभवतः किसी परिवार तक उनकी खोई हुई बेटी की जानकारी पहुंच सके और मृतका को न्याय मिल सके।