उत्तराखण्ड ज़रा हटके नैनीताल

उत्तराखंड में 1.17 लाख से अधिक मामलों की हुई ई-फाइलिंग, संसद में केंद्र ने दी जानकारी

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नई दिल्ली/हल्द्वानी – नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने लोकसभा में भारतीय न्यायालयों में ई-फाइलिंग व्यवस्था और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के विस्तार का मुद्दा उठाया। उन्होंने अतारांकित प्रश्न के माध्यम से केंद्र सरकार से न्यायालयों के डिजिटलीकरण, उत्तराखंड में ई-फाइलिंग की स्थिति तथा जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी।

सांसद अजय भट्ट ने कानून एवं न्याय मंत्री से पूछा कि क्या देश के न्यायालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी को प्रभावी रूप से लागू किया गया है, क्या उत्तराखंड सहित सभी न्यायालयों में ई-फाइलिंग व्यवस्था संचालित हो रही है, राज्य में अब तक कितने मामले ऑनलाइन दर्ज हुए हैं तथा ई-फाइलिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार क्या प्रयास कर रही है।

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कानून एवं न्याय मंत्रालय ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि ई-कोर्ट मिशन मोड परियोजना के तहत देशभर की न्यायिक व्यवस्था को तेजी से डिजिटल बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत केस इन्फॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस), ई-फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, डिजिटल केस रिकॉर्ड, राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड (एनजेडीजी), ई-सेवा केंद्र, ई-भुगतान और मोबाइल एप जैसी अनेक डिजिटल सेवाएं लागू की जा चुकी हैं।

मंत्रालय के अनुसार 30 जून 2026 तक देश के 25 उच्च न्यायालयों में ई-फाइलिंग सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। इस अवधि तक देशभर में 1 करोड़ 25 लाख 87 हजार 329 मामलों का ऑनलाइन पंजीकरण ई-फाइलिंग के माध्यम से किया गया है।

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उत्तराखंड के संबंध में सरकार ने बताया कि राज्य के जिला न्यायालयों एवं उत्तराखंड उच्च न्यायालय में अब तक 1 लाख 17 हजार 924 मामलों की ई-फाइलिंग की जा चुकी है। इनमें उत्तराखंड उच्च न्यायालय में 356 तथा जिला न्यायालयों में 1 लाख 17 हजार 568 मामले ऑनलाइन दर्ज किए गए हैं।

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केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि ई-फाइलिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय कर्मचारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण, कार्यशालाएं, मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), वीडियो गाइड तथा ई-सेवा केंद्रों के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान संचालित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग डिजिटल न्यायिक सेवाओं का लाभ उठा सकें।