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मानसून से पहले नैनीताल जिला प्रशासन अलर्ट, एडीएम सौरभ असवाल ने सभी विभागों को 24×7 कंट्रोल रूम और त्वरित रिस्पॉन्स के दिए निर्देश

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नैनीताल – आगामी मानसून को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर बुधवार को जिला कार्यालय सभागार नैनीताल में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं प्रशासन) सौरभ असवाल की अध्यक्षता में मानसून पूर्व तैयारी बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अपर जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पूर्व तैयारी, विभागीय समन्वय और त्वरित रिस्पॉन्स अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहते हुए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सड़क एवं निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि सभी संवेदनशील और भूस्खलन संभावित मार्गों पर जेसीबी, पोकलैंड जैसी भारी मशीनरी ऑपरेटर और अवर अभियंता सहित तैनात की जाए। साथ ही तैनात कार्मिकों के नाम और मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए जाएं।

अपर जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को तहसील स्तर पर बाढ़ संभावित, भू-स्खलन प्रभावित और मैदानी क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

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बैठक में विद्युत विभाग को मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में तत्काल बहाली सुनिश्चित करने के लिए पोल, तार और ट्रांसफार्मर का पर्याप्त स्टॉक रखने तथा वैकल्पिक लाइन की व्यवस्था पहले से तैयार रखने को कहा गया। वहीं जल संस्थान और पेयजल निगम को पेयजल लाइनों की मरम्मत, टंकियों की सफाई और पाइप-फिटिंग्स का बफर स्टॉक रखने के निर्देश दिए गए। पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में टैंकरों की व्यवस्था भी तैयार रखने को कहा गया।

स्वास्थ्य विभाग को सभी सीएचसी, पीएचसी और उपकेंद्रों में जीवनरक्षक दवाएं, एंटी-वेनम और ओआरएस सहित आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही दुर्गम क्षेत्रों में मेडिकल टीम और एंबुलेंस की अग्रिम तैनाती करने को कहा गया।

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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को निर्देश दिए गए कि दुर्गम और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में तीन माह का अग्रिम खाद्यान्न भंडारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि मार्ग अवरुद्ध होने पर आपूर्ति प्रभावित न हो।

अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जिला एवं तहसील स्तर पर आपदा कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेंगे और सूचना मिलते ही विभागों को न्यूनतम रिस्पॉन्स टाइम के साथ कार्रवाई करनी होगी।

वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और नगर निकायों को सड़क किनारे झुके एवं सूखे पेड़ों को चिन्हित कर मानसून से पहले हटाने तथा आपदा के दौरान गिरे पेड़ों को तत्काल हटाने के लिए विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा नगर क्षेत्रों में जर्जर भवनों को चिन्हित कर आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने और 15 जून से पहले सभी नालों-नालियों की सफाई पूरी करने को कहा गया।

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सिंचाई विभाग को नहरों और गूलों की सफाई तथा भू-कटाव प्रभावित तटबंधों के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में वायर-क्रेट और जियो-बैग की व्यवस्था रखने को कहा गया।

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि मानसून के दौरान चिन्हित राहत शिविरों में खाद्य पैकेट, कंबल, मेडिकल किट, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली जाए।

अपर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर मानसून कार्ययोजना प्रस्तुत करने तथा प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में एसपी सिटी जगदीश चंद्र, नगर आयुक्त हल्द्वानी परितोष वर्मा, उपजिलाधिकारी नैनीताल नवाजिश खालिक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी उपजिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।