उत्तराखण्ड क्राइम रामपुर

डरा धमकाकर खुद करता था अवैध वसूली, द्वेष भावना के चलते लगा रहा था पत्रकार पर फर्जी आरोप…….

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पीड़ित महिला की मदद कर रहे पत्रकार ने जताई जानलेवा हमले और हत्या की आशंका….

रामनगर- रामनगर विधानसभा के एक पत्रकार सलीम अहमद साहिल पर कुछ अपराधिक प्रवृति के लोगो ने गुर्जर समुदाय का शोषण करने का आरोप लगते हुए एक के बाद एक ज्ञापन उच्चधिकारियों ओर जनप्रतिनिधियों को दिए थे। पत्रकार उन आरोपो को खारिज करते हुए पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन देकर उक्त व्पयक्रतियों पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग करते आ रहा था।

 

समाचारो के माध्यम से जब ये बात गुर्जर समुदाय के लोगो को पता चली कि सलीम अहमद साहिल को फर्जी मुकदमो में फसाने के लिए मो० सफी और उसके साथी गुर्जरो की बहन बेटियों की इज्ज़त का सहारा लेकर फर्जी आरोप लगा रहा है। तो वो कहाबत सच साबित हो गई वो कहते है ना कि झूट कितना ही बलशाली हो सच के आगे हार ही जाता हैं। कुछ ऐसा ही सलीम अहमद साहिल के ऊपर फर्जी आरोप लगाने वालों के साथ हुआ।

 

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मो० सफी, मो० फरीद आदि की पोल उसके सगे भाइयों और भतीजो ने दर्जनों गुर्जर समुदाय के लोगो के साथ एक ज्ञापन में सैकड़ों गुर्जर समुदाय के व्यक्तियों और महिलाओं ने साइन और अँगूठे लगा कर ज्ञापन पुलिस क्षेत्राधिकारी रामनगर को देकर फर्जी आरोपो की पोल खोल दी और स्पष्ट कर दिया कि सलीम के द्वारा कभी भी गुर्जर समुदाय की किसी महिला और पुरूष को परेशान नही किया गया। और  न ही किसी ने कभी भी सलीम पत्रकार को तमंचा रहते देखा है।

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सलीम हर किसी की निःस्वार्थ भाव से मदद करता हैं। सफी की पुत्रवधु के द्वारा जो मुकदमे उक्त सफी आदि पर किये गए है। उसमे सलीम कोर्ट के माध्यम से कानूनी मदद कर रहा हैं इसलिए मो० सफी के परिवार सहित उसके साथी आरोप लगा रहे है और  सफी के साथियों पर गम्भीर अपराधों में वन विभाग ओर पुलिस विभाग में मुकदमे दर्ज हैं। और सफी खुद ही गुर्जरो को डरा धमका कर उनपर राज करने की कोशिश करता है और अवैध बसूली करता है।

 

बलजीत सिंह भाकुनी पुलिस क्षेत्राधिकारी रामनगर ने जाँच कर कानूनी कार्यवाही करने की बात कही है। साथ ही पत्रकार ने अपने ऊपर जान लेवा हमला होने और हत्या की आशंका  जताते हुए बताया कि जो लोग मुझे फर्जी मुकदमो में फासाने की साजिश रच रहे है। वो खुद अपराधी व्यक्ति हैं उनके ऊपर वन विभाग और आम जनमानस के साथ मारपीट करने और वन्यजीवों की हत्या कर अंगों की तस्करी करने सहित हत्या के मुकदमे दर्ज हैं

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जो अपराधी हाथी जैसे विशालकाय जानवर को मारकर खेतो में दवा सकते है उन्होंने और ना जाने कितने छोटे वन्यजीवों को मारकर अपने खेतों में दवाया होगा ये एक गम्भीर जाँच का विषय हैं। जो इतने बड़े अपराधी हो उनके लिए मेरी हत्या करना कोई बड़ी बात नहीं मुझे कभी भी मार सकते है।