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सूखे जल स्रोतों को मिलेगा नया जीवन, नैनीताल में सारा योजनाओं की समीक्षा

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नैनीताल – मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे की अध्यक्षता में सोमवार को सारा (Spring and River Rejuvenation Authority) परियोजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद नैनीताल में संचालित जल स्रोत संरक्षण एवं पुनर्जीवन योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान सारा परियोजना के सदस्य सचिव द्वारा जनपद में संचालित 15 योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड में पांच-पांच नौलों को चिन्हित कर उनका रिचार्ज एवं सौंदर्यीकरण कार्य प्राथमिकता से कराया जाए।

उन्होंने कहा कि सूख चुके गधेरों और जल स्रोतों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित किया जाए और पुनर्जीवन के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने सारा सचिव को निर्देश दिए कि योजनाओं में किसी प्रकार की डुप्लीकेसी न हो, इसके लिए संबंधित विभागों से पूर्व में ही एनओसी प्राप्त कर ली जाए। साथ ही सभी विभागों को कार्य शुरू होने से पहले और कार्य पूर्ण होने के बाद की फोटोग्राफ सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए, ताकि कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

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बैठक में गौला नदी के समग्र उपचार और पुनर्जीवन को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौला नदी क्षेत्र का विस्तृत सर्वे कर 20 मई 2026 तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर प्रस्तुत की जाए।

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बैठक में लघु सिंचाई विभाग को सॉफ्ट रिचार्ज पिट निर्माण के लिए 62.4 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त किए जाने की जानकारी दी गई। वहीं वन विभाग नैनीताल संभाग को शिप्रा नदी के कैचमेंट क्षेत्र में पांच गधेरों के उपचार के लिए प्रथम किस्त के रूप में 66.15 लाख रुपये जारी किए गए।

इसके अलावा भालूगाड जलप्रपात के पुनर्जीवन हेतु कुल 50.34 लाख रुपये की धनराशि वन विभाग एवं भूमि संरक्षण वन प्रभाग नैनीताल को उपलब्ध कराई गई है।

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मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौला नदी के समग्र उपचार एवं पुनर्जीवन के लिए अपने-अपने विभागीय प्रस्ताव 20 मई तक उपलब्ध कराएं, ताकि उन्हें संकलित कर जलागम निदेशालय को भेजा जा सके।

उन्होंने जनपद में एक ताल निर्माण, उसके सौंदर्यीकरण, एक मॉडल नौला/धारा के पुनर्जीवन तथा बड़े स्तर पर जल संरक्षण के उद्देश्य से एक सीमेंट चेक डैम निर्माण को इस वर्ष प्राथमिकता में शामिल करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में सहायक परियोजना निदेशक चंद्रा फर्त्याल सहित वन, कृषि, उद्यान, सिंचाई, लघु सिंचाई, जल संस्थान तथा विभिन्न विकासखंडों के अधिकारी मौजूद रहे।