नैनीताल/हल्द्वानी – जनपद में निजी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद के सभी निजी विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों का संयुक्त निरीक्षण और सुरक्षा ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, पूर्व में होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, होम-स्टे, मॉल, बैंक्वेट हॉल और अन्य सार्वजनिक भवनों के लिए गठित संयुक्त निरीक्षण समितियां अब अपने-अपने क्षेत्राधिकार में संचालित निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों का भी सुरक्षा ऑडिट करेंगी। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, संरक्षा और आपदा जोखिमों को कम करना है।
जिलाधिकारी ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में शैक्षणिक संस्थानों में हुई आगजनी और अन्य दुर्घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा मानकों की समीक्षा बेहद आवश्यक हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए व्यापक स्तर पर निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान संस्थानों की मान्यता, पंजीकरण और अनुमति पत्रों की जांच के साथ-साथ फायर एनओसी की वैधता और उसके अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट और आपातकालीन निकास व्यवस्था की कार्यशीलता भी परखी जाएगी।
इसके अलावा भवन की संरचनात्मक सुरक्षा, कक्षाओं की क्षमता, छात्र संख्या, विद्युत वायरिंग, डीजी सेट, इन्वर्टर, गैस भंडारण, निकासी मार्गों की स्थिति, सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता, छात्राओं की सुरक्षा, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं, प्राथमिक उपचार व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और परिवहन सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों एवं कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। निरीक्षण के दौरान संस्थानों को सभी आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों के लिए सुधारात्मक निर्देश जारी किए जाएंगे, जबकि गंभीर अनियमितताएं मिलने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने संयुक्त निरीक्षण समितियों को निर्देशित किया है कि सुरक्षा ऑडिट पूरा होने के बाद 15 दिनों के भीतर विस्तृत संयुक्त रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

