नैनीताल – कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री तथा जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला विकास प्राधिकरण सभागार, नैनीताल में बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनहित, शहरी विकास, पर्यटन, निर्माण कार्यों की पारदर्शिता, अवैध निर्माणों पर कार्रवाई तथा जनसुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा तथा जनसुरक्षा और पारदर्शिता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
बैठक में भीमताल क्षेत्र में कृषि भूमि उपयोग और स्थानीय निवासियों को भवन मानचित्र स्वीकृत कराने में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने अवगत कराया कि पूर्व में कुछ बिल्डरों द्वारा स्थानीय आवश्यकता संबंधी प्रावधानों का दुरुपयोग किया गया था। इस पर बोर्ड ने निर्णय लिया कि 60 वर्गमीटर तक स्थानीय आवश्यकता वाले सभी पात्र मानचित्र स्वीकृत किए जाएंगे, जबकि एक ही परिवार के कई सदस्यों द्वारा अलग-अलग नाम से व्यावसायिक उद्देश्य के लिए प्रस्तुत किए गए मानचित्रों को अस्वीकृत कर दिया गया।
बैठक में प्राधिकरण की आय-व्यय की समीक्षा भी की गई। आय बढ़ाने के साथ-साथ जनसुविधाओं के विस्तार एवं विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर विशेष जोर दिया गया।

आईटी और हॉर्टिकल्चर एक्सपर्ट की नियुक्ति को मंजूरी
बैठक में सचिव जिला विकास प्राधिकरण ने बताया कि प्राधिकरण में आईटी विशेषज्ञ का कोई पद नहीं है। इस पर बोर्ड ने तकनीकी कार्यों को बेहतर बनाने के लिए आईटी एक्सपर्ट तथा पार्कों एवं हरित क्षेत्रों के विकास को प्रभावी बनाने के लिए हॉर्टिकल्चर एक्सपर्ट की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान की।
हल्द्वानी के चौराहों का होगा चरणबद्ध सौंदर्यीकरण
बोर्ड ने निर्णय लिया कि हल्द्वानी शहर के प्रमुख चौराहों का चरणबद्ध तरीके से सौंदर्यीकरण कराया जाएगा। प्रथम चरण में कुसुमखेड़ा चौराहे को विकसित किया जाएगा, जबकि आगामी चरणों में अन्य प्रमुख चौराहों को भी आधुनिक स्वरूप दिया जाएगा।
नैनीताल में विकसित होंगी पॉकेट पार्किंग
बैठक में कुमाऊं आयुक्त ने नैनीताल शहर में लगातार बढ़ते यातायात और स्थानीय निवासियों की पार्किंग समस्या को देखते हुए निर्देश दिए कि नगरीय क्षेत्र में उपलब्ध छोटी-छोटी नजूल भूमि को चिन्हित कर वहां पॉकेट पार्किंग विकसित करने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं, ताकि मोहल्लों में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध हो सके और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके।
अवैध होमस्टे और नियम विरुद्ध निर्माण पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि निरीक्षण के दौरान यह सामने आया है कि कई सील भवनों, चालानशुदा इमारतों तथा नियम विरुद्ध निर्मित भवनों में भी होमस्टे संचालित किए जा रहे हैं। कई स्थानों पर एक मंजिल की स्वीकृति होने के बावजूद तीन मंजिला भवन तैयार कर दिए गए हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है।
उन्होंने पर्यटन विभाग और जिला विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि नैनीताल नगर क्षेत्र में संचालित सभी होमस्टे का संयुक्त निरीक्षण किया जाए तथा अवैध रूप से संचालित होमस्टे तत्काल सील कर संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
साथ ही निर्देश दिए गए कि भवन का मानचित्र स्वीकृत करने से पहले यह अनिवार्य रूप से जांच ली जाए कि संबंधित भवन सील या चालान की श्रेणी में तो नहीं है।
नोटिस के बावजूद नियम नहीं मानने वाले होमस्टे का पंजीकरण होगा निरस्त
आयुक्त ने जिला पर्यटन विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन होमस्टे संचालकों को विभाग द्वारा पूर्व में नोटिस जारी किए गए हैं और जो अब तक न तो अनुपालन कर रहे हैं और न ही कोई जवाब दे रहे हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए पंजीकरण निरस्त किया जाए।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में भू-वैज्ञानिक की रिपोर्ट होगी अनिवार्य
बैठक में निर्णय लिया गया कि पर्वतीय क्षेत्रों के भूस्खलन संभावित स्थानों पर किसी भी प्रकार के निर्माण की स्वीकृति देने से पहले संयुक्त सर्वेक्षण के साथ भू-वैज्ञानिक की रिपोर्ट अनिवार्य होगी। रिपोर्ट संतोषजनक होने के बाद ही निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
एक ही परिवार के कई आवेदनों पर बोर्ड सख्त
बैठक के दौरान ऐसे कई आवेदन सामने आए, जिनमें एक ही परिवार के सभी सदस्यों ने एक ही भूखंड पर अलग-अलग भवन निर्माण की अनुमति मांगी थी, ताकि बाद में एक संयुक्त भवन बनाया जा सके। बोर्ड ने ऐसे सभी आवेदन नियम विरुद्ध मानते हुए अस्वीकृत कर दिए। आयुक्त ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
पुराने भवनों के पुनर्निर्माण के लिए तय की गई शर्तें
पुराने भवनों के पुनर्निर्माण से संबंधित मामलों में बोर्ड ने निर्णय लिया कि पुनर्निर्माण की स्वीकृति केवल उसी क्षेत्रफल और आयाम में दी जाएगी, जितने क्षेत्र में पुराना भवन निर्मित था। स्वीकृति से पहले क्षतिग्रस्त भवन की फोटोग्राफ का परीक्षण भी अनिवार्य होगा।
इसी प्रकार कंपाउंड वाले मामलों में यह स्पष्ट किया गया कि पहले पुराना अवैध निर्माण पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा, उसके बाद ही नए निर्माण की स्वीकृति मिलेगी।
सार्वजनिक शौचालय निर्माण और निर्माण सूचना बोर्ड होंगे अनिवार्य
बैठक में नगर निगम हल्द्वानी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण को भी मंजूरी प्रदान की गई।
इसके अलावा बोर्ड ने निर्णय लिया कि भवन का मानचित्र स्वीकृत होने के बाद भवन स्वामी को निर्माण स्थल के बाहर स्वीकृति संबंधी सूचना बोर्ड (शिलापट्ट) लगाना अनिवार्य होगा। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित के विरुद्ध ₹5,000 का चालान किया जाएगा।
आयुक्त ने सचिव जिला विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि प्राधिकरण की टीम नियमित रूप से क्षेत्र में पैदल निरीक्षण करे और बिना अनुमति के हो रहे निर्माणों को तत्काल सील करने सहित आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले प्रस्तावों को मिली स्वीकृति
बैठक में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से होटल, रेस्टोरेंट एवं अन्य पर्यटन आधारित परियोजनाओं से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों को नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की गई। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मानचित्रों को स्वीकृति दी गई है, उनके अनुरूप ही निर्माण कार्य हो रहा है या नहीं, इसकी नियमित स्थलीय जांच की जाए। उन्होंने कहा कि अगली बोर्ड बैठक में सभी स्वीकृत निर्माण कार्यों की प्रगति रिपोर्ट और फोटोग्राफ भी प्रस्तुत किए जाएं।
बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, संयुक्त सचिव ए.पी. बाजपेयी, नगर आयुक्त हल्द्वानी परितोष वर्मा, नगर नियोजक आर.एल. भारती, वित्त अधिकारी ऋचाशू शर्मा सहित बोर्ड के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

