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साइबर अपराध पर सरकार सख्त, 8690 करोड़ रुपये की ठगी रोकी गई….

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नई दिल्ली – नैनीताल-उधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद अजय भट्ट ने संसद में साइबर अपराधों को लेकर सवाल उठाते हुए पिछले तीन वर्षों में मामलों की स्थिति और केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी।

सांसद के प्रश्न के उत्तर में गृह मंत्रालय के राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने बताया कि देश में साइबर अपराध से निपटने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000, भारतीय न्याय संहिता 2023 और पोक्सो अधिनियम के तहत पर्याप्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं।

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उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की स्थापना की है, जो देशभर में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करता है। आम जनता की शिकायत दर्ज करने के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) भी शुरू किया गया है, जहां ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।

वित्तीय धोखाधड़ी से निपटने के लिए नागरिक वित्तीय साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS) लागू की गई है। इसके तहत 31 जनवरी 2026 तक 24.65 लाख से अधिक शिकायतों में करीब 8690 करोड़ रुपये की राशि बचाई गई है। साथ ही लोगों की मदद के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 भी शुरू किया गया है।

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केंद्र सरकार ने 2 जनवरी 2026 को एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी जारी की है, जिससे साइबर अपराध शिकायतों के निस्तारण में एक समान और पीड़ित-केंद्रित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।

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साइबर जागरूकता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं। इसमें ‘मन की बात’ कार्यक्रम, कॉलर ट्यून अभियान, सोशल मीडिया, टीवी-रेडियो, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर प्रचार-प्रसार शामिल है। सरकार का कहना है कि इन पहलों के जरिए साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ आम जनता को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।