देहरादून – उत्तराखंड में एकल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में पहली बार मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू की जा रही है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार नए साल में, अगले महीने से इस योजना का लाभ देना शुरू करेगी।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में आयोजित विभागीय बैठक के दौरान बताया कि योजना के लिए अब तक 504 पात्र एकल महिलाओं की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है।
मंत्री ने जानकारी दी कि योजना के तहत प्रदेश के 11 जिलों की लाभार्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है। इनमें 34,852 इंटरमीडिएट पास छात्राएं और 6,021 नवजात बालिकाएं भी चिन्हित की गई हैं, जिन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से भविष्य में लाभान्वित किया जाएगा।

रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है। मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना से उन महिलाओं को विशेष संबल मिलेगा, जो किसी कारणवश परिवार का सहारा खो चुकी हैं और आत्मनिर्भर बनने के लिए अवसर तलाश रही हैं।
सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक मजबूती देगी, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान करेगी।

