रुद्रपुर – उत्तराखंड राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने बुधवार को नगर निगम सभागार में नगर निगम एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में स्वच्छता कर्मचारियों की समस्याओं, कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और पुनर्वास पर चर्चा करते हुए
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील होकर कार्य करने और पर्यावरण मित्रों को सरकार की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। मकवाना ने निकाय अधिकारियों को एक माह के भीतर ईपीएफ और ईएसआई कटौती सुनिश्चित करने, मलिन बस्तियों में हर छह माह में स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा सीवर व सेफ्टी टैंक में काम करने वाले कर्मियों का अनिवार्य पंजीकरण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जो ठेकेदार आउटसोर्स स्वच्छकारों को मानक से कम वेतन दे रहे हैं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए। मृतक आश्रितों की नियुक्ति में भी विवेक और संवेदनशीलता बरती जाए ताकि वास्तव में जरूरतमंद परिवारों को समायोजित किया जा सके। साथ ही कल्याणकारी योजनाओं और पुनर्वास कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए बहुद्देशीय शिविर आयोजित करने पर जोर दिया, जिनमें गोल्डन कार्ड और आयुष्मान कार्ड भी बनाए जाएं।

मकवाना ने रुद्रपुर नगर में महर्षि वाल्मीकि चौक का निर्माण कराने का आग्रह मेयर से किया और पर्यावरण मित्रों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान में नगर निगम रुद्रपुर को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर बधाई भी दी।
इस अवसर पर मेयर विकास शर्मा ने कहा कि नगर निगम को स्वच्छ बनाए रखने में पर्यावरण मित्रों का सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों और पर्यावरण मित्रों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए रुद्रपुर को और स्वच्छ व सुंदर बनाने की अपील की।
नगर आयुक्त नरेश चंद्र दुर्गापाल ने जानकारी दी कि रुद्रपुर प्रदेश का पहला नगर निगम है जिसने अपने स्तर से पर्यावरण मित्रों का 5 लाख रुपये का बीमा कराया है। साथ ही गत छह वर्षों से लंबित आठ मृत पर्यावरण मित्रों के आश्रितों को भी नियुक्ति दे दी गई है।
बैठक में सहायक नगर आयुक्त राजू नबियाल, रणदीप सिंह, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीयूष रंजन, एलडीएम चिराग पटेल, समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध सहित निगम अधिकारी एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।