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सड़क से गौशाला तक, बेसहारा गोवंश को नया जीवन दे रहे योगेंद्र राणा

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कालाढूंगी – हल्दीखाल स्थित गौशाला में शुक्रवार को समाजसेवी मनोज पाठक ने पहुंचकर गौसेवक योगेंद्र राणा द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने घायल, बीमार एवं निराश्रित गोवंश की सेवा में समर्पित योगेंद्र राणा के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया।

गौशाला का निरीक्षण करने के बाद मनोज पाठक ने कहा कि यहां पहुंचकर जो दृश्य देखने को मिला, वह अत्यंत भावुक, प्रेरणादायक और आत्मा को स्पर्श करने वाला है। उन्होंने बताया कि योगेंद्र राणा सड़कों, जंगलों और अन्य स्थानों पर घायल एवं बेसहारा अवस्था में पड़े गोवंश की सूचना मिलते ही स्वयं मौके पर पहुंचकर उनका रेस्क्यू करते हैं और गौशाला में लाकर उनका उपचार एवं देखभाल करते हैं।

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उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद योगेंद्र राणा जिस निस्वार्थ भाव से गौसेवा में जुटे हुए हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा का विषय है। गौशाला के संचालन में हर माह होने वाले भारी खर्च के बावजूद उनकी सेवा भावना और समर्पण लगातार बढ़ता जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान गौशाला में घायल एवं बीमार गोवंश के उपचार के लिए एक अलग चिकित्सा कक्ष (मेडिकल हाउस) की आवश्यकता भी महसूस की गई। इस संबंध में मनोज पाठक ने कहा कि समाज के सहयोग से सीमेंट, ईंट, टिन एवं अन्य आवश्यक निर्माण सामग्री उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि गोवंश के उपचार और देखभाल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके।

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उन्होंने कहा कि गौसेवा केवल सामाजिक दायित्व ही नहीं, बल्कि सच्ची ईश्वर सेवा है। समाज के सक्षम लोगों को भी ऐसे सेवा कार्यों में आगे आकर सहयोग करना चाहिए।

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कार्यक्रम के अंत में मनोज पाठक ने योगेंद्र राणा को गौसेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया तथा भविष्य में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।