रुद्रपुर/किच्छा – वर्षों से लंबित भूमि रजिस्ट्री के मामले में कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत के हस्तक्षेप से एक महिला को आखिरकार न्याय मिल गया। करीब 14 वर्ष पहले खरीदे गए भूखंड की रजिस्ट्री न होने से परेशान महिला की शिकायत पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रकरण का समाधान कराया।
जानकारी के अनुसार ऋषिकेश निवासी गीता बैरागी ने वर्ष 2012 में सुनहरा कॉलोनी, किच्छा में 60 वर्ग गज का एक भूखंड 95 हजार रुपये में खरीदा था। आरोप है कि भूखंड विक्रय के बावजूद उनके नाम रजिस्ट्री नहीं की गई। कई बार अनुरोध करने पर भी मामला लंबित बना रहा।
बाद में विक्रेता पक्ष द्वारा बताया गया कि संबंधित भूमि किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। वहीं भूमि स्वामी ने रजिस्ट्री खर्च बचाने के लिए दान पत्र के माध्यम से हस्तांतरण का प्रस्ताव रखा, जिससे मामला और उलझ गया।

लंबे समय तक समाधान न होने पर गीता बैरागी अप्रैल 2026 में कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत के समक्ष अपनी शिकायत लेकर पहुंचीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त ने तहसीलदार किच्छा को दोनों पक्षों को सुनवाई का अवसर प्रदान कर नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।
निर्देशों के अनुपालन में तहसीलदार किच्छा ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। जांच और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित भूमि की विधिवत रजिस्ट्री गीता बैरागी के नाम कर दी गई।
प्रकरण का समाधान होने के बाद सोमवार को गीता बैरागी स्वयं आयुक्त कार्यालय पहुंचीं और कुमाऊं आयुक्त एवं मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हो सका।
यह मामला प्रशासनिक स्तर पर त्वरित सुनवाई और प्रभावी कार्रवाई का उदाहरण माना जा रहा है, जिससे आम नागरिकों का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

