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अब बड़ी साइबर ठगी पर दर्ज होगी अनिवार्य एफआईआर, रिकवरी रेट हुआ दोगुना

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नैनीताल – साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कुमाऊं रेंज के आईजी ने बताया कि साइबर अपराध प्रदेश में सबसे तेजी से बढ़ने वाले अपराधों में शामिल हो चुके हैं। जनवरी से अब तक कुमाऊं क्षेत्र में 1,400 से अधिक साइबर शिकायतें दर्ज की गई हैं।

आईजी ने बताया कि राज्य सरकार ने नया प्रावधान लागू किया है, जिसके तहत एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उद्देश्य पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना और आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

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उन्होंने बताया कि कुमाऊं मंडल के सभी जिलों की पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की फंसी हुई धनराशि जल्द से जल्द वापस दिलाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की सतत कार्रवाई के चलते साइबर ठगी के मामलों में धनराशि की रिकवरी दर पहले 20 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 40 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

आईजी ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता केवल साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि पीड़ितों की मेहनत की कमाई सुरक्षित वापस दिलाना भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध फोन कॉल, लिंक, ओटीपी साझा करने के अनुरोध या ऑनलाइन लेनदेन से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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उन्होंने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज होने से साइबर ठगी की रकम वापस मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है, इसलिए जागरूकता और त्वरित सूचना ही ऐसे अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।

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