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पशुओं की सेहत को लेकर जागरूकता अभियान, रामनगर में लगा टीकाकरण शिविर

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रामनगर – पशुओं को लंपी त्वचा रोग (LSD) समेत विभिन्न संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन विभाग नैनीताल की ओर से गुरुवार को विकासखंड रामनगर में जनजागरूकता एवं टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। बहुउद्देशीय शिविर के दौरान पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, बीमारियों के लक्षण और बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई।

शिविर में रामनगर विधायक एवं ब्लॉक प्रमुख ने टीकाकरण अभियान के संबंध में विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली और पशुपालकों को अभियान का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, उप जिलाधिकारी रामनगर ने सभी पशुपालकों से अपील की कि वे पशुपालन विभाग की टीमों का सहयोग करें, ताकि क्षेत्र में चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान को सफल बनाया जा सके।

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वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी रामनगर ने पशुपालकों को पशुओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों के लक्षण, उनके संक्रमण से बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी नैनीताल के दिशा-निर्देशों के अनुसार क्षेत्र में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभागीय टीमें गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का सर्वे करने के साथ ही आवश्यक टीकाकरण कर रही हैं।

समय पर टीकाकरण जरूरी

अधिकारियों ने पशुपालकों से अपने सभी पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए पशु चिकित्सा विभाग की टीमों द्वारा लगाए जा रहे टीके का लाभ लिया जाए और पशुओं के स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार के असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क किया जाए।

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पशुशाला की साफ-सफाई पर दें विशेष ध्यान

पशुपालकों को पशुशाला को साफ एवं सूखा रखने की सलाह दी गई। नियमित रूप से चूने अथवा उपयुक्त कीटाणुनाशक का छिड़काव करने तथा पशुओं के रहने वाले स्थान की स्वच्छता बनाए रखने पर जोर दिया गया।

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बीमार पशु को स्वस्थ पशुओं से रखें अलग

शिविर में बताया गया कि पशुओं को स्वच्छ पानी और पौष्टिक चारा उपलब्ध कराया जाए। यदि कोई पशु बीमार है तो उसका दाना-पानी अन्य स्वस्थ पशुओं से अलग रखा जाए, ताकि संक्रमण फैलने की आशंका को कम किया जा सके।

पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की कि वे गांव-गांव चलाए जा रहे सर्वे और टीकाकरण अभियान में टीमों का सहयोग करें। विभाग का उद्देश्य समय रहते पशुओं का टीकाकरण कर उन्हें बीमारियों से सुरक्षित रखना और पशुपालकों को पशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।