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सरकारी सहयोग से आत्मनिर्भर बनीं एकल महिलाएं, पशुपालन और उद्योग से बढ़ाई आय

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हल्द्वानी। उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना जनपद नैनीताल की एकल महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री की पहल पर संचालित इस योजना के माध्यम से अविवाहित, तलाकशुदा, निराश्रित एवं दिव्यांग एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत लाभार्थी महिलाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 75 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि स्वयं लाभार्थी द्वारा वहन की जाती है। इसके तहत महिलाओं को अधिकतम दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें।

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बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) हल्द्वानी शिल्पा जोशी ने बताया कि जनपद नैनीताल में योजना के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। अब तक 30 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल चुका है। इनमें 17 महिलाओं ने भैंस, गाय एवं बकरी पालन जैसे पशुपालन व्यवसाय अपनाकर अपनी आजीविका शुरू की है, जबकि 13 महिलाओं ने विभिन्न लघु उद्योग स्थापित कर आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।

उन्होंने बताया कि फरवरी माह में योजना की पहली किस्त जारी होने के बाद से लाभार्थी महिलाओं में आत्मविश्वास और उत्साह का संचार हुआ है। योजना के माध्यम से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक पहचान भी प्राप्त हो रही है।

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योजना से जुड़ी महिलाओं की सफलता की कहानियां यह साबित कर रही हैं कि उचित मार्गदर्शन और सरकारी सहयोग मिलने पर महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

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मुख्यमंत्री की इस जनकल्याणकारी पहल ने एकल महिलाओं को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मसम्मान और स्वावलंबन के साथ जीवन जीने का अवसर भी दिया है। यह योजना आज महिलाओं के सपनों को साकार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है।