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बंदियों को स्वरोजगार के लिए किया प्रशिक्षित, आरसेटी ने दिया दो वर्ष तक मार्गदर्शन का भरोसा

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हल्द्वानी – ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) हल्द्वानी-नैनीताल द्वारा आयोजित छह दिवसीय जनरल उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) के तहत सीसीटीवी इंस्टॉलेशन एवं सर्विस विषयक प्रशिक्षण का समापन हो गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप कारागार हल्द्वानी के 31 बंदियों ने प्रतिभाग कर तकनीकी कौशल हासिल किया।

समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप कारागार के अधीक्षक प्रमोद कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का उपयोग अपने बेहतर भविष्य के निर्माण में करें। उन्होंने बंदियों से मेहनत, ईमानदारी और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने तथा भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से दूर रहने का प्रयास करने का आह्वान किया।

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उन्होंने आरसेटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान समय-समय पर बंदियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आरसेटी के निदेशक अतुल कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद सभी प्रतिभागियों को स्वरोजगार और आय सृजन गतिविधियों के लिए संस्थान की ओर से दो वर्ष तक नियमित मार्गदर्शन और परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे प्रशिक्षण से प्राप्त कौशल का प्रभावी उपयोग कर सकें।

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इस अवसर पर आरसेटी के निदेशक अतुल कुमार पाण्डेय, प्रशिक्षक नरेंद्र सिंह पिलख्वाल एवं मास्टर ट्रेनर अंकित ने प्रशिक्षणार्थियों को सफल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्हें कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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