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लाखों श्रमिकों को धामी सरकार की सौगात, न्यूनतम वेतन बढ़ा, 20 साल बाद इन्हें मिली बड़ी राहत

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देहरादून – उत्तराखंड में श्रमिकों के हित में एक बड़ा निर्णय लेते हुए पुष्कर सिंह धामी सरकार ने उद्योगों, इंजीनियरिंग इकाइयों, निजी एवं अनुसूचित संस्थानों में कार्यरत तीन लाख से अधिक श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में वृद्धि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद नई दरें तय कर दी गई हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।

सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इंजीनियरिंग इकाइयों में वेतन पुनरीक्षण लगभग 20 वर्षों से लंबित था। इस दिशा में सचिव श्रम की अध्यक्षता में गठित त्रिदलीय समिति—जिसमें सरकार, नियोक्ता और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे—की 27 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में सहमति बनने के बाद राज्यपाल ने नई मजदूरी दरों को मंजूरी दी।

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नई दरों के तहत इंजीनियरिंग इकाइयों और उद्योगों में न्यूनतम वेतन (वीडीए सहित) इस प्रकार निर्धारित किया गया है:

  • अकुशल: ₹13,800 प्रति माह
  • अर्धकुशल: ₹15,000 प्रति माह
  • कुशल: ₹16,900 प्रति माह

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मजदूरी संहिता 2019 को राज्य में प्रभावी कर दिया गया है, जबकि मजदूरी संहिता नियमावली 2026 के प्रख्यापन की प्रक्रिया जारी है। भविष्य में वेतन निर्धारण इन्हीं प्रावधानों के तहत किया जाएगा।

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वहीं, निजी एवं अनुसूचित प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है। श्रमायुक्त प्रकाश चंद्र दुमका ने 57 श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वीडीए) ₹518 प्रतिमाह बढ़ाने की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी।

इस निर्णय से दुकानों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, सड़क निर्माण, निजी क्लीनिक व अस्पताल, होटल-रेस्टोरेंट, निजी शिक्षण संस्थान, पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल वर्कशॉप, ईंट-भट्टा, डेयरी और बेकरी उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

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श्रमायुक्त दुमका ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों और उप श्रमायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि मई माह के वेतन में ही श्रमिकों को बढ़ी हुई मजदूरी और महंगाई भत्ते का लाभ मिल सके।

यह निर्णय राज्य के श्रमिक वर्ग के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ जीवन स्तर में भी सुधार की उम्मीद है।