उत्तराखण्ड ज़रा हटके रुद्रपुर

रुद्रपुर में जनगणना अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण….

ख़बर शेयर करें -

रुद्रपुरजिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सभागार में जनगणना-2027 को लेकर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में जनगणना अधिकारियों, चार्ज अधिकारियों, सहायक चार्ज अधिकारियों और तकनीकी सहायकों को जनगणना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जो भारतीय संविधान की संघ सूची तथा जनगणना अधिनियम, 1948 के प्रावधानों के अंतर्गत संचालित की जाती है। उन्होंने कहा कि जनगणना लोकतंत्र की आधारशिला है, क्योंकि इससे प्राप्त आंकड़े कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सहायक होते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य पूरी गंभीरता, सतर्कता और त्रुटिहीन तरीके से संपन्न किया जाए।

यह भी पढ़ें 👉  चोरगलिया में डंपर की बैटरी चोरी का खुलासा, आरोपी गिरफ्तार….

जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 वर्ष 1872 से अब तक की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद 8वीं जनगणना होगी। यह दो चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रथम चरण में वर्ष 2026 में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना होगी, जबकि द्वितीय चरण में वर्ष 2027 में जनसंख्या की गणना की जाएगी। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति का विवरण निर्धारित संदर्भ तिथि एवं समय के अनुसार दर्ज किया जाएगा।

उपनिदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय प्रवीन कुमार ने जानकारी दी कि जनगणना-2027 देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। आंकड़ों का संकलन “Census 2027–HLO” नामक विशेष मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा, जिसके जरिए प्रगणक अपने स्मार्ट फोन से परिवारों की जानकारी दर्ज करेंगे। साथ ही नागरिकों को एक निर्धारित वेब पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  कैंची धाम पर लगे आरोपों का जवाब, ट्रस्ट बोला—सब कुछ नियमों के तहत….

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और प्रत्येक प्रक्रिया एवं तकनीकी पहलू को भली-भांति समझें, ताकि जनगणना कार्य शत-प्रतिशत शुद्धता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, नगर आयुक्त शिप्रा जोशी, समस्त तहसीलदार, जिला समन्वयक संख्याधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें 👉  कांग्रेसजनों ने स्वराज आश्रम में दी श्रद्धांजलि, समानता और शिक्षा के प्रसार का लिया संकल्प….