धारी (नैनीताल) – बच्चों को लैंगिक अपराधों से बचाने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को तहसील धारी में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सिविल जज प्रतीक कपिल ने राजकीय प्राथमिक विद्यालय धारी के बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012 और कानून से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और उपस्थित लोगों को बाल यौन शोषण की रोकथाम, बच्चों की सुरक्षा तथा उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया। सिविल जज प्रतीक कपिल ने पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, बाल अपराधों की पहचान और संदिग्ध गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी प्रकार के शोषण या अनुचित गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित पुलिस विभाग अथवा सक्षम अधिकारियों को तत्काल सूचित करना चाहिए।
गुड टच-बैड टच और साइबर सुरक्षा की दी जानकारी
कार्यक्रम में तहसीलदार मनीषा बिष्ट ने बच्चों को गुड टच-बैड टच के बारे में समझाया। उन्होंने बच्चों को अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने, किसी भी अनुचित व्यवहार को पहचानने और ऐसी स्थिति में बिना डर के अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को किसी भी परेशानी की स्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी अन्य विश्वसनीय वयस्क को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

उन्होंने साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बच्चों को इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही, किसी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या असहज अनुभव की जानकारी तत्काल विश्वसनीय व्यक्ति को देने के लिए कहा।
बाल अधिकारों के संरक्षण में सहयोग की अपील
अभियान का मुख्य उद्देश्य बाल यौन अपराधों की रोकथाम, पीड़ित बच्चों के संरक्षण और समाज में सुरक्षित एवं बाल-अनुकूल वातावरण तैयार करना है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से बाल अधिकारों की रक्षा करने और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील की गई।
इस अवसर पर सब इंस्पेक्टर गुलाब सिंह कंबोज, एपीओ अशोक जोशी, अधिवक्ता चंदन बोरा, अधिवक्ता गोपाल बिष्ट, भवान पुरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

