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जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर हल्द्वानी में उठी आवाज, ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग

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हल्द्वानी – मौलाना आजाद जन कल्याण समिति ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े विवाद को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित कर विश्वविद्यालय परिसर के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने तथा छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।

समिति के अध्यक्ष ज़हीर आलम अंसारी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेई के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि यदि विश्वविद्यालय से संबंधित कोई प्रशासनिक या तकनीकी विवाद है तो उसका समाधान छात्रों के हितों को प्रभावित किए बिना किया जाना चाहिए।

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ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) द्वारा विश्वविद्यालय की इमारतों को अवैध निर्माण मानते हुए ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। समिति का कहना है कि इससे विश्वविद्यालय में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं की शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

समिति ने राष्ट्रपति से मांग की है कि विश्वविद्यालय परिसर में स्थित शैक्षणिक भवनों, छात्रावासों और प्रशासनिक भवनों के ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही यदि विश्वविद्यालय प्रबंधन स्तर पर कोई कानूनी अथवा तकनीकी खामियां हैं तो व्यापक जनहित एवं विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय को सरकारी नियंत्रण में लेकर संचालित करने पर विचार किया जाए।

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समिति ने यह भी मांग की कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि किसी भी परिस्थिति में छात्रों का शैक्षणिक सत्र, डिग्रियां और भविष्य प्रभावित न हो। ज्ञापन में शिक्षण संस्थानों को राष्ट्र की बौद्धिक संपदा बताते हुए उनके संरक्षण पर बल दिया गया है।

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इस अवसर पर मोहम्मद नबी, नसीम अहमद वारसी, मोहम्मद नाजिम एवं एडवोकेट जावेद अख्तर सहित समिति के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।