हल्द्वानी – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की दूरदर्शी सोच तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा “खेत बचाओ अभियान” की शुरुआत की गई। इसके तहत 1 जून से 30 जून 2026 तक आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ विकास खंड सभागार, हल्द्वानी में नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद अजय भट्ट ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अजय भट्ट ने अधिकारियों को जैविक खेती के प्रमाणीकरण एवं उसकी मार्केटिंग की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों को कृषि उत्पादों की बिक्री के लिए ई-नाम पोर्टल के अधिकाधिक उपयोग के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।
सांसद ने कहा कि वर्तमान समय में किसान रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक उपयोग कर रहे हैं, जिसके दुष्परिणाम स्वरूप लोगों में गंभीर और असाध्य बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने किसानों से खेतों में गोबर खाद, कंपोस्ट खाद और अन्य जैविक एवं प्राकृतिक खादों का अधिकाधिक उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि इससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहेगी और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त होगा।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र ज्योलिकोट के प्रभारी डॉ. संजय चौधरी ने किसानों को कीटनाशकों और उर्वरकों के संतुलित उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों और दवाइयों का अंधाधुंध प्रयोग न केवल मिट्टी की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, बल्कि मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। उन्होंने किसानों से विशेषज्ञों की सलाह के बिना रसायनों का उपयोग न करने की अपील की।
केंद्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अमित पांडे ने मिट्टी परीक्षण के आधार पर पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से खेती करने से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की खाद्य सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।
इफको के क्षेत्रीय अधिकारी दीपक आर्या ने किसानों को नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और अन्य नैनो उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन उर्वरकों के प्रयोग से कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। साथ ही फल एवं सब्जियों में सूक्ष्म पोषक तत्वों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
प्रांतीय किसान मोर्चा अध्यक्ष महेंद्र सिंह नेगी ने किसानों से धीरे-धीरे जैविक, प्राकृतिक एवं परंपरागत खेती की ओर बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गोबर आधारित जैविक खाद के महत्व को समझकर स्वयं से इसकी शुरुआत करनी होगी, तभी कृषि और पर्यावरण में सकारात्मक बदलाव संभव होगा।
जिला पंचायत सदस्य डॉ. छवि काण्डपाल ने रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुरूप ही रसायनों के उपयोग की अपील की।
ब्लॉक प्रमुख मंजू गौड़ ने किसानों से कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं जैसे कृषि यंत्रीकरण, बीज वितरण, घेरबाड़ एवं परंपरागत खेती योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
किसान मोर्चा प्रभारी राजेंद्र सिंह बिष्ट ने कम लागत में जैविक उत्पादन बढ़ाने और खेती की उर्वरता को बनाए रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग तथा जैविक निवेशों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य कृषि अधिकारी नैनीताल डॉ. गीतांजलि बंगारी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का आभार व्यक्त करते हुए “खेत बचाओ अभियान” को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जितेंद्र भास्कर ने किया। इस अवसर पर सहायक परियोजना निदेशक चंद्रा फर्त्याल, मुख्य उद्यान अधिकारी भावना जोशी, विकासखंड प्रभारी डॉ. ममता जोशी, सहायक कृषि अधिकारी देवयानी चौधरी, बीटीएम किशोर मंडल सहित 100 से अधिक किसान एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

