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सड़क सुरक्षा को लेकर डीएम सख्त, एनएच और एनएचएआई अधिकारियों को दिए मौके पर निर्देश

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हल्द्वानी – जनपद में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित स्थलों) का तत्काल सुधार, सड़कों पर आवश्यक साइनेज एवं स्पीड ब्रेकर लगाने तथा ओवरस्पीडिंग और रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कैम्प कार्यालय हल्द्वानी में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने तीनपानी बाईपास पर लगातार हो रहे सड़क हादसों को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) और एनएचएआई अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक सुरक्षा उपाय तत्काल लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रात के समय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सड़क पर सेंसर युक्त एलईडी स्ट्रीट लाइटें, रिफ्लेक्टिव एवं दिशा-सूचक साइन बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे तथा रम्बल स्ट्रिप की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित हो सके और दुर्घटनाओं में कमी आए।

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जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि तीनपानी बाईपास पर अधिक यातायात वाले समय में पुलिस एवं परिवहन विभाग की संयुक्त तैनाती की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि रॉन्ग साइड वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन, वाहन सीज करने तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने सड़क सुरक्षा समिति द्वारा चिन्हित सभी ब्लैक स्पॉट एवं संवेदनशील मार्गों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही दुर्घटना संभावित स्थलों पर क्रैश बैरियर, चेतावनी बोर्ड, पैराफिट निर्माण तथा गति सीमा नियंत्रण के उपाय तत्काल लागू करने को कहा।

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बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि कोसी, अमृतपुर और गौला क्षेत्र में खनिज वाहनों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत के लिए खनिज न्यास निधि से 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को ऐसे सभी मार्गों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए भारत सरकार की ‘पीएम-राहत’ योजना की जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के दिन से सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने अधिकारियों से इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा।

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सड़क सुरक्षा पखवाड़े के तहत जिलाधिकारी ने स्वयं सड़क पर पहुंचकर बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे लोगों को हेलमेट वितरित किए और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि हेलमेट का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं में सिर की गंभीर चोटों और मृत्यु की आशंका को काफी हद तक कम करता है। उन्होंने नागरिकों से अपनी सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाने की अपील की।

बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात जगदीश चंद्र, संभागीय परिवहन अधिकारी अरविंद पांडे, सचिव विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, नगर आयुक्त परितोष वर्मा, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी रतनेश सक्सेना एवं प्रत्यूष सिंह सहित एनएच, एनएचएआई, नगर निगम तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।