नैनीताल – जनपद नैनीताल पुलिस लाइन सभागार में मंगलवार को मासिक अपराध समीक्षा एवं सम्मेलन बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने की, जिसमें आगामी पर्यटन सीजन एवं माह मार्च के अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक की शुरुआत सभी थानों में कर्मचारियों के सम्मेलन से हुई, जिसके बाद थाना प्रभारियों (SHO), फायर सर्विस, ट्रैफिक, पीएसी एवं होमगार्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
एसएसपी ने पुलिस कर्मियों के आचरण और व्यवहार को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन और पर्यटकों के साथ संवाद के दौरान पुलिस का व्यवहार शालीन, संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार के नशे का सेवन कर जनता से दुर्व्यवहार करने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए पुलिस की कार्यशैली को और अधिक प्रभावी एवं संवेदनशील बनाने पर जोर दिया गया, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित एवं सहज वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
अपराध समीक्षा के दौरान थाना प्रभारियों को CCTNS पोर्टल के प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए तथा सभी ऑनलाइन पोर्टलों पर बेहतर कार्यप्रणाली एवं रैंकिंग सुधारने पर बल दिया गया।
विवेचनाओं को समयबद्ध एवं पारदर्शी बनाने के निर्देश देते हुए कहा गया कि सभी जांच अधिकारी निर्धारित समयसीमा में जांच पूर्ण करें। अनावश्यक देरी या लापरवाही पर कठोर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि CCTNS प्रणाली के अंतर्गत प्रत्येक केस की समयसीमा का पालन अनिवार्य होगा तथा उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाने हेतु एसएसपी ने 33 उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
उपस्थित अधिकारी/कर्मचारी
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अपराध/यातायात डॉ. जगदीश चंद्र, पुलिस अधीक्षक हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल, सीओ हल्द्वानी अमित कुमार, सीओ रामनगर सुमित पांडे, सीओ नैनीताल अंजना नेगी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार, सीओ (प्रशिक्षु) विनय सिंह, सीओ (प्रशिक्षु) अंकित थपलियाल, प्रतिसार निरीक्षक हरकेश सिंह, निरीक्षक एलआईयू ज्ञानेंद्र शर्मा सहित सभी थाना/शाखा/यातायात/सीपीयू/पीएसी प्रभारी एवं बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि पुलिस विभाग में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही सर्वोपरि है तथा इन मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

