हल्द्वानी में कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने सिंचाई विभाग द्वारा तैयार की गई ड्रेनेज योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। यह योजनाएं नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तैयार की गई हैं, जिन्हें जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
यह पूरी योजना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत वर्ष 2047 को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। इसमें सभी नगरों के लिए अलग-अलग ड्रेनेज प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, ताकि भविष्य में भी जलभराव की समस्या न हो।
सिंचाई विभाग के अनुसार, डीपीआर तैयार करते समय पिछले वर्षों में हुई अधिकतम वर्षा के आंकड़ों को आधार बनाया गया है। योजना में नए नालों का निर्माण, पुराने नालों का सुधार, पंप हाउस की स्थापना और जल निकासी नेटवर्क को मजबूत करने जैसे कार्य शामिल हैं।

नगरवार प्रस्तावों के तहत खटीमा के लिए ₹313.45 करोड़, सितारगंज के लिए ₹155.05 करोड़, रुद्रपुर नगर निगम के लिए ₹441.79 करोड़ और काशीपुर नगर निगम क्षेत्र के लिए ₹220.98 करोड़ की योजनाएं बनाई गई हैं। इसके अलावा हल्द्वानी के लिए ₹430.23 करोड़, रामनगर के लिए ₹17.36 करोड़ तथा गदरपुर और मालधनचौड़ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जल निकासी सुधार के लिए भी प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।
कुमाऊँ आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं का तकनीकी परीक्षण कर शीघ्र शासन को भेजा जाए, ताकि समय रहते कार्य शुरू हो सके और लोगों को जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके। बैठक में सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नगर आयुक्त और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

