हल्द्वानी – सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक भाषा और बयानों के मामले में इंफ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गुरुवार देर शाम गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को उन्हें रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए। मामला सामने आने के बाद से ही पूरे कुमाऊं क्षेत्र में यह प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस के अनुसार, ज्योति अधिकारी पर कुमाऊं की सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। शिकायत में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने कुमाऊं की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया, साथ ही लोक देवताओं को लेकर भी अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां कीं। इसके अतिरिक्त, एक वीडियो में उनके द्वारा खुलेआम दराती लहराने का मामला सामने आने के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई।
मुखानी थाना पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता जूही चुफाल की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि इन बयानों के कारण क्षेत्र में आक्रोश फैल गया था और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हो गई थी, इसी को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की गई। मामले में भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।

फिलहाल ज्योति अधिकारी न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को उनके अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दाखिल किए जाने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले व्यक्तियों की सामाजिक जिम्मेदारी कितनी अहम है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ संवेदनशीलता और मर्यादा का संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है।

