हरिद्वार – उत्तराखंड में खेल संस्कृति को नई ऊंचाई देने की दिशा में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26 का भव्य आगाज हरिद्वार के योगस्थली खेल परिसर में किया गया। खेल मंत्री रेखा आर्या ने ध्वजारोहण और मशाल प्रज्ज्वलित कर प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह चैंपियनशिप प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए ओलंपिक तक पहुंचने की लॉन्चिंग पैड साबित होगी।
खेल महाकुंभ को इस वर्ष नए स्वरूप में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के रूप में आयोजित किया जा रहा है। प्रतियोगिता न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर—चार चरणों में होगी, जिसमें करीब दो लाख खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। इस बार प्रतियोगिता में 26 खेल स्पर्धाएं शामिल की गई हैं, जिनमें आधुनिक खेलों के साथ-साथ पारंपरिक खेलों को भी स्थान दिया गया है।
खेल मंत्री ने बताया कि सांसद ट्रॉफी और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीमों को दो-दो लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अलावा, इस चैंपियनशिप के विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण का लाभ भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के नीतिगत फैसलों से राज्य में खेलों का माहौल बदला है और एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित हो रही है।

रेखा आर्या ने युवाओं से अपील की कि वे खेलों को सिर्फ टाइमपास नहीं, बल्कि करियर के रूप में अपनाएं। उन्होंने कहा कि अनुशासन और समर्पण के साथ खेलों में आगे बढ़ने वाले खिलाड़ियों को चैंपियन बनने से कोई नहीं रोक सकता।
प्रतियोगिता में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाले खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। प्रतियोगिता के दौरान जीते गए पदकों के आधार पर अंकों का योग कर समग्र चैंपियन का चयन किया जाएगा, जिसे मुख्यमंत्री ट्रॉफी और पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
कार्यक्रम के समापन के बाद भी खेल मंत्री काफी देर तक आयोजन स्थल पर मौजूद रहीं। बड़ी संख्या में खिलाड़ियों ने उनके साथ फोटो और सेल्फी लेने की इच्छा जताई, जिसे मंत्री ने सहजता से पूरा किया। करीब एक घंटे तक खिलाड़ियों के बीच रहकर उन्होंने उनसे संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के शुभारंभ के साथ ही उत्तराखंड में खेलों के क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार देखने को मिल रहा है।

