उत्तराखण्ड खटीमा ज़रा हटके

दिल में छेद से लेकर न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट तक, आरबीएसके टीम बी ने बचाई मासूम जिंदगियां….

ख़बर शेयर करें -

खटीमा – राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत खटीमा क्षेत्र में कार्यरत आरबीएसके टीम ‘बी’ ने बाल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। नागरिक अस्पताल खटीमा से संचालित इस टीम के संगठित और समर्पित प्रयासों से दिल में छेद, हार्ट वाल्व की गंभीर समस्याएं, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट और मानसिक रोगों से पीड़ित कई मासूम बच्चों को निःशुल्क और समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया।

टीम द्वारा दिल में छेद (Congenital Heart Disease) और हार्ट वाल्व से जुड़ी जटिल जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों के सफल ऑपरेशन कराए गए। वहीं न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से पीड़ित नवजातों और शिशुओं को भी समय रहते शल्य चिकित्सा उपलब्ध कराकर उन्हें नया जीवन दिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  मंत्री कैड़ा ने सीएम धामी के सामने रखा भीमताल का दर्द, टूटी सड़कों की मरम्मत और निर्माण नियमों में राहत की मांग

आरबीएसके टीम ‘बी’ में कार्यरत डॉ. शैलजा ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों, राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान इन गंभीर बीमारियों की पहचान की गई। जांच के बाद बच्चों को डीआईसी रुद्रपुर के माध्यम से उच्च उपचार केंद्रों—ग्राफिक एरा हॉस्पिटल देहरादून, सत्य साईं हार्ट केयर हॉस्पिटल पलवल तथा राममूर्ति मेडिकल कॉलेज भोजीपुरा, बरेली भेजा गया, जहां उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित कराया गया।

डॉ. शैलजा के अनुसार दिल में छेद अथवा हार्ट वाल्व की समस्या से ग्रसित जिन बच्चों का सफल ऑपरेशन कराया गया, उनमें सार्थक चंद, महक, मोहम्मद आरुष, काव्या और दक्षिता शामिल हैं। वहीं न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से पीड़ित नवजात नितांशी और शिवा का भी राममूर्ति हॉस्पिटल, बरेली में निःशुल्क ऑपरेशन कराया गया। इसके अतिरिक्त अन्य जन्मजात बीमारियों से पीड़ित बच्चों का भी चरणबद्ध उपचार किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  त्योहारी सीजन में मिलावट पर सख्ती, कालाढूंगी बाजार में खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ जांच; तीन खाद्य नमूने प्रयोगशाला भेजे

इस पूरे अभियान में आरबीएसके टीम ‘बी’ के डॉ. संदीप, फार्मासिस्ट अनीता का विशेष सहयोग रहा। वहीं डीआईसी रुद्रपुर से आरबीएसके मैनेजर पूरनमल, जावेद, संजय, चंद्रवीर और आरबीएसके वाहन चालक जयवर्धन ने बच्चों को सुरक्षित उपचार केंद्रों तक पहुंचाने और समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

यह भी पढ़ें 👉  ऑपरेशन प्रहार के तहत हल्द्वानी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 315 बोर तमंचे और कारतूस के साथ युवक गिरफ्तार

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों को न केवल निःशुल्क जांच और इलाज की सुविधा दी जाती है, बल्कि अभिभावकों को स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण के प्रति भी जागरूक किया जाता है। आरबीएसके टीम ‘बी’ की यह पहल क्षेत्र में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने के साथ-साथ कई परिवारों के लिए आशा की किरण साबित हुई है।