हल्द्वानी – हीरानगर स्थित पर्वतीय सांस्कृतिक उत्थान मंच में आयोजित उत्तरायणी कौतिक पूरे उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मेले के छठे दिन सोमवार को आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोकगीतों, संगीत और कविताओं की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
लोकगायक बलवीर सिंह राणा ने “चूड़ी त्यार हाथ मा खनकनी” जैसे लोकप्रिय कुमाऊंनी गीतों से समां बांधा, वहीं प्रियंका चंद ने “उतरेणी कौतिक मैकनी घुमै दे…” गीत प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे मेला परिसर को कुमाऊंनी लोकसंस्कृति के रंग में रंग दिया।
उत्तरायणी कौतिक में लोकसंगीत के साथ-साथ कविताओं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों को भावविभोर किया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने देर शाम तक कार्यक्रम का आनंद लिया। आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उत्तरायणी मेला केवल उत्सव नहीं, बल्कि पहाड़ की लोकसंस्कृति और परंपराओं को सहेजने का जीवंत मंच है।


