उत्तराखण्ड ज़रा हटके

गैरसैंण सत्र से गरमाएगी सियासत, बजट पेश करेंगे CM धामी….

ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र 9 से 13 मार्च तक गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा भवन में आयोजित होगा। सत्र के दौरान 11 मार्च को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह धामी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा, इसलिए इसे सरकार की नीतियों, प्राथमिकताओं और चुनावी रणनीति तय करने वाले अहम दस्तावेज के रूप में देखा जा रहा है। इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

यह भी पढ़ें 👉  बजून, पाटीयाखान और फगुनियाखेत में लगे 200 से अधिक पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

बजट का आकार बढ़ाने की तैयारी

सरकार इस बार बजट का आकार बढ़ाकर लगभग 1.20 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने की तैयारी में है। ‘जीरो बेस्ड बजटिंग’ प्रणाली के तहत गैर-जरूरी और अनुपयोगी योजनाओं को खत्म कर संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर जोर रहेगा। इसके बाद चुनावी वर्ष में अगला बजट लेखानुदान (वोट ऑन अकाउंट) के रूप में पेश किया जाएगा।

इन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस

सरकार रोजगार सृजन, आधारभूत ढांचा विकास, पर्यटन, कृषि तथा महिला और युवा केंद्रित योजनाओं को प्राथमिकता दे सकती है। वहीं विपक्ष बेरोजगारी, पलायन और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जिससे सत्र के दौरान तीखी बहस की संभावना है।

यह भी पढ़ें 👉  मानसून से पहले मंत्री कैड़ा का बड़ा निर्देश, जलभराव और अव्यवस्था पर नहीं होगी लापरवाही

उत्तराखंड विधानसभा में बजट महाभारत, गैरसैंण बनेगा सियासी अखाड़ा….

  • 9 मार्च: राज्यपाल का अभिभाषण, सत्र का आगाज
  • 10 मार्च: अध्यादेश पटल पर, अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव व चर्चा
  • 11 मार्च: धन्यवाद प्रस्ताव पारित, वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश
  • 12 मार्च: बजट पर सामान्य चर्चा, विभागवार अनुदान मांगों पर विचार व मतदान
  • 13 मार्च: बजट पारित, शेष अनुदान मांगों पर मतदान, गैर-सरकारी कार्य
यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी ट्रैफिक इंस्पेक्टर का सराहनीय कदम, कैंसर पीड़ित को रक्तदान कर दी नई उम्मीद

क्यों महत्वपूर्ण है यह बजट?

गैरसैंण में होने वाला यह सत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है। पेश होने वाला बजट सिर्फ आय-व्यय का लेखा-जोखा नहीं होगा, बल्कि चुनाव से पहले सरकार के विकास एजेंडे और आर्थिक विजन की दिशा भी तय करेगा।