उत्तराखण्ड ज़रा हटके रामनगर

खत्तों में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की दयनीय स्थिति…….

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रामनगर-जब सरकारे अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य देने की बात करती हैं तो कुछ ऐसे राजकीय प्राथमिक विद्यालयों की तस्वीरे सरकार के सारे दावों की पोल खोल देती हैं। इस आधुनिक युग मे भी कुछ ऐसे राजकीय प्राथमिक विद्यालय हैं जहाँ मासूम बच्चे आज भी जमीन पर बैठने को मजबूर है। और सर छुपाने को भी व्यकल्पिक व्यवस्था कई बर्षो से चली आ रही हैं आपको बता दे कि रामनगर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित खत्तों में संचालित राजकीय प्रथमिक विद्यालयो की स्थिति बहुत ही दयनीय हैं ना बच्चों को बैठने की सही व्यवस्था हैं

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और ना सर छिपाने की कोई उचित व्यवस्था हैं। जंगलों में रहने वाले गरीब बच्चों के परिजनों का इतना सामर्थ्य भी नही है कि वो अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा लेने के लिए कही बाहर भेज सके। दो वक्त की रोजी रोटी के लिए दिन रात मेहनत करते ये गरीब परिवार जैसे तैसे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे है।वहीं ऐसे गरीब परिवारों के बच्चों के लिए साइनस फोर सोसायटी देव दूत साबित हो रही हैं।

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जिन बच्चों की आर्थित स्थिति अच्छी नही है साइनस फोर सोसायटी ऐसे बच्चों को चुनकर उनको कॉपी किताब से लेकर जूते और गर्म कपड़े लगातार बाट रही हैं। इसी क्रम में राजकीय प्रथमिक विद्यालय कुमगडार सेकेंड मालधन में पहुँच कर लगभग 20 गरीब बच्चों को कॉपी, किताब, जूते गर्म कपड़े बाटते हुए गरीब बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बाटी।