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कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने ड्रेनेज सिस्टम पर जताई सख्ती, अतिक्रमण हटाने और नालों की सफाई के दिए निर्देश

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हल्द्वानी – हल्द्वानी शहर में कलसिया नाला, चीनपुर नाला, पनियाली नाला, वनचौकी नाला, रकसिया एवं देवखड़ी नालों के कारण वर्षाकाल में उत्पन्न होने वाली जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान होने जा रहा है। इस दिशा में उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) द्वारा 362 करोड़ रुपये की लागत से कार्य वर्तमान में गतिमान है। वहीं अवशेष ड्रेनेज कार्यों के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में सिंचाई विभाग द्वारा 430 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज प्लान तैयार किया गया है।

सोमवार को हल्द्वानी स्थित कुमाऊं आयुक्त कैंप कार्यालय में आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष इस डीपीआर को प्रस्तुत किया गया। समीक्षा के पश्चात समिति द्वारा इस योजना को संस्तुति प्रदान की गई, जिसे अब शासन को प्रेषित किया जाएगा।

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हल्द्वानी नगर के ड्रेनेज सिस्टम (जल निकासी प्रणाली) नेटवर्क के निर्माण को लेकर आयोजित बैठक में आयुक्त/सचिव, मुख्यमंत्री दीपक रावत ने दोनों कार्यदायी संस्थाओं—सिंचाई विभाग एवं यूयूएसडीए—को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने नगर क्षेत्र में यूयूएसडीए द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की।

कुमाऊं आयुक्त ने शहर के छह प्रमुख नालों के आसपास या ऊपर किए गए अतिक्रमणों को चिह्नित कर तत्काल हटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि जल निकासी मार्गों को सुचारू बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने वर्षाकाल में नालों के चोक होने की समस्या को देखते हुए एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए, ताकि कूड़ा-कचरा जमा होने पर नालों को तुरंत खोला जा सके।

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बैठक में यूयूएसडीए के परियोजना प्रबंधक कुलदीप सिंह ने जानकारी दी कि 362 करोड़ रुपये की लागत से शहर के मुख्य नालों में जल निकासी का कार्य किया जा रहा है। रकसिया नाले के आउटफॉल का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष कार्य तेजी से प्रगति पर है।

सिंचाई विभाग द्वारा तैयार 430 करोड़ रुपये की डीपीआर पर भी विस्तृत चर्चा की गई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत शहर को 7 जोन में विभाजित कर जल निकासी की कार्ययोजना लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत दमुवांढुंगा से प्रेमपुर लोश्ज्ञानी का आउटफॉल रकसिया नाला वन क्षेत्र में, बमौरी मल्ली से कमलुवागांजा का आउटफॉल रकसिया में, पनियाली नाले का भाखड़ा में तथा तीनपानी का आवला चौकी व हाथीखाल जंगल में किया जाएगा। वहीं बनभूलपुरा और गौजाजाली क्षेत्रों का आउटफॉल उत्तर रेलवे क्रॉसिंग होते हुए गौला नदी में किया जाएगा।

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इसके अतिरिक्त डीपीआर में शामिल अन्य प्रस्तावों एवं कार्यों पर भी गहन चर्चा करते हुए समिति ने योजना को अपनी संस्तुति प्रदान की।बैठक में मुख्य अभियंता सिंचाई संजय शुक्ल, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता पीए एस बृजवाल, उप कार्यक्रम निदेशक यूयूएसडीए मृदुला सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर यूयूएसडीए गुरप्रीत सिंह, कुलदीप सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।