देहरादून – भूस्खलन की दृष्टि से अति संवेदनशील उत्तराखंड के चार जिलों – उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और टिहरी – में अब आधुनिक तकनीक से लोगों को समय रहते चेतावनी मिलेगी।
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) राज्य में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाने की योजना पर काम कर रहा है। इस प्रणाली के लिए वर्तमान में परीक्षण चल रहा है। परीक्षण सफल होने के बाद इसे इन जिलों में स्थापित किया जाएगा।
इस प्रणाली के लागू होने से भूस्खलन की आशंका का पूर्वानुमान जारी किया जा सकेगा। समय से अलर्ट मिलने पर स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और संभावित जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
