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नशा मुक्त भारत अभियान को नैनीताल में नई धार, निजी स्कूलों को मिले सख्त निर्देश

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हल्द्वानी – केंद्र सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को हल्द्वानी स्थित ओरम स्कूल परिसर में जनपद के निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूली बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई तथा विद्यालयों में नियमित जागरूकता गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया गया।

बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय ने की। उन्होंने कहा कि नशा युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है और इसके खिलाफ स्कूलों को सबसे प्रभावी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए कि छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति नियमित रूप से जागरूक किया जाए तथा इसके लिए विद्यालयों में विशेष नशा विरोधी कक्षाएं संचालित की जाएं।

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एडीएम ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में समय-समय पर नशा विरोधी कार्यक्रम, पोस्टर प्रतियोगिता, निबंध लेखन, वाद-विवाद, नुक्कड़ नाटक और प्रार्थना सभा के माध्यम से छात्रों को जागरूक किया जाए। साथ ही परेड और अन्य गतिविधियों के दौरान भी बच्चों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाए, ताकि “नशा मुक्त भारत” का संकल्प साकार हो सके।

बैठक में अभिभावकों की भागीदारी पर भी विशेष बल दिया गया। निर्देश दिए गए कि प्रत्येक विद्यालय हर तीन माह में अभिभावक-शिक्षक बैठक आयोजित कर बच्चों की संगति, व्यवहार और गतिविधियों पर चर्चा करेगा तथा अभिभावकों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक बनाया जाएगा।

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जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी ने सुझाव दिया कि प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र प्रतिनिधियों की निगरानी समिति गठित की जाए। साथ ही विद्यालय परिसर के 200 मीटर के दायरे में तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने और स्कूल परिसर में नशा विरोधी संदेश वाले सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए।

सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत ने कहा कि यदि कोई छात्र नशे की चपेट में पाया जाता है तो उसे दंडित करने के बजाय काउंसलिंग और उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग विद्यालयों में निःशुल्क परामर्श शिविर भी आयोजित करेगा।

एसपी क्राइम जगदीश चंद्र ने बताया कि विद्यालयों के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी तथा नशीले पदार्थों की बिक्री में लिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की।

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बैठक में उपस्थित सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि वे अपने-अपने विद्यालयों को “100 प्रतिशत नशा मुक्त परिसर” बनाएंगे तथा इस अभियान को जन-जागरूकता आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाएंगे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. रणजीत सिंह नेगी, एसपी क्राइम जगदीश चंद्र, खंड शिक्षा अधिकारी तारा सिंह, सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत सहित जनपद के सभी निजी विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।