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रामनगर सेवा शिविर में उमड़ी भीड़, स्वास्थ्य से लेकर राजस्व तक 27 विभागों ने दीं सेवाएं

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रामनगर/नैनीताल – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “सेवा, सुशासन एवं समर्पण” अभियान के अंतर्गत “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” सेवा पखवाड़ा आमजन के लिए राहत, विश्वास और त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। अभियान के तीसरे दिन सोमवार को विकासखंड सभागार, रामनगर में स्वास्थ्य एवं सहायता शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 27 विभागों ने एक ही परिसर में अपने स्टॉल लगाकर जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक दीवान सिंह बिष्ट एवं ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी ने संयुक्त रूप से किया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और अपनी समस्याएं दर्ज कराने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।

इस अवसर पर विधायक दीवान सिंह बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का उद्देश्य शासन को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सेवा पखवाड़ा के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे तथा आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो। उन्होंने अधिकारियों से जनहित के मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

शिविर की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय ने कहा कि प्रत्येक जनसमस्या समाधान शिविर सेवा और संवेदनशीलता का केंद्र बने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिक नियमों की जटिलताओं से परिचित नहीं होता, इसलिए उसकी समस्याओं को सहानुभूतिपूर्वक सुनना और नियमानुसार समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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शिविर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि तब रही जब अपर जिलाधिकारी ने मौके पर ही न्यायालय लगाकर वर्ष 2016 एवं 2018 से लंबित तीन मामलों की सुनवाई की और तीनों प्रकरणों का विधिसम्मत निस्तारण तत्काल कर दिया।

शिविर में कुल 53 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 32 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। भूमि विवाद, सड़क मरम्मत, जल निकासी, विरासत, पेयजल, अवैध अतिक्रमण तथा सिंचाई विभाग से जुड़े मामलों पर अधिकारियों ने तत्काल सुनवाई कर आवश्यक निर्देश जारी किए। वहीं अवैध अतिक्रमण एवं झूठे शपथ पत्रों के आधार पर सरकारी अनुमति प्राप्त करने के मामलों में संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

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महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शिविर में 15 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की गई। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा महिला कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी लाभार्थियों को प्रदान की गई।

शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, ग्राम्य विकास, शिक्षा, सिंचाई, लोक निर्माण, पेयजल, कृषि सहित 27 विभागों ने अपने स्टॉल लगाकर योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया। विभागीय अधिकारियों ने मौके पर आवेदन स्वीकार किए और पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी पूरी की।

कार्यक्रम के दौरान सूचना एवं लोक संपर्क विभाग में पंजीकृत पार्वतीय महिला ग्राम विकास समिति के सांस्कृतिक दल ने लोकगीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी संदेश दिया। जिला सूचना विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं से संबंधित प्रचार सामग्री का भी वितरण किया गया।

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कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” सेवा पखवाड़ा इसी संकल्प का सशक्त उदाहरण बनकर उभर रहा है, जहां शासन स्वयं जनता के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कर रहा है। यह अभियान सुशासन, जवाबदेही और जनविश्वास को और अधिक मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री शांति मेहरा, ब्लॉक प्रमुख मंजू नेगी, ज्येष्ठ प्रमुख संजय नेगी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय, उपजिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, खंड विकास अधिकारी गिरीश चंद्र पांडे, तहसीलदार मनीषा मकराना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।