उत्तराखण्ड ज़रा हटके रानीखेत

केवल खानापूर्ति के लिए खोली गई बग्वालीपोखर उपतहसील नही है कोई भी कर्मचारी…..

ख़बर शेयर करें -

नही है उपतहसील में कोई भी कर्मचारी क्यों जनता को बनाया जा रहा बेवकूफ…..

रानीखेत- द्वाराहाट विधानसभा के बग्वालीपोखर उपतहसील केवल खानापूर्ति के लिए खोली गई है। आपको बता दें कि यहां पर नायब तहसीलदार ही रहते हैं, और वो भी फील्ड में कार्य होने के कारण कार्यालय में उपलब्ध कम ही हो पाते हैं। जब हमारे संवाददाता 11 बजे उप तहसील बगवालीपोखर पहुंचे तो वहां कोई भी आफिस कर्मचारी नहीं पहुंचा था, और न ही गेट खुला था। जब इस बात पर उपजिलाधिकारी द्वाराहाट से दूरभाष पर बात की गई तो पता चला कि उप तहसील में केवल नायब तहसीलदार रहते हैं, और न वहां कोई क्लर्क स्टाफ है, न लेखपाल, न ही डाटा ऑपरेटर। यहां तक कि सफाई कर्मचारी भी नही है।

यह भी पढ़ें 👉  विभाजन की पीड़ा से उबरकर तराई को बनाया विकास की पहचान: नितिन नवीन

 

आपको बता दे कि एक महिला सफाई कर्मचारी यहां पर एक दो बार आयी यह कहना है, उप तहसील कार्यालय में तैनात नायब तहसीलदार भूपाल सिंह से पूछे जाने पर कि महिला सफाई कर्मचारी की उपस्थिति इस कार्यालय से जाती है तो जवाब में कहा जाता है कि हैं, कि यहां पर कोई सफाई कर्मचारी नही है। इस कार्यालय में एक गार्ड पीआरडी से है जोकि अन्य दस्तावेज इधर से उधर पहुंचाने का कार्य भी करता है। इस उप तहसील से न कोई खतौनी निकल रही है न कोई कार्य किया जा रहा है। अगर कोई व्यक्ति खतौनी कार्य के लिए उप तहसील पहुंचता है।

 

यह भी पढ़ें 👉  निर्वाचन पारदर्शिता को लेकर प्रशासन सतर्क, ईवीएम-वीवीपैट वेयरहाउस का निरीक्षण

तो उसे तहसील द्वाराहाट भेज दिया जाता है। जिससे जनता का पैसा और समय दोनों ही खराब होता है। और उप तहसील केवल मात्र औपचारिकता के लिए बनी रह गई है, और कर्मचारियों के अभाव से बीमार हो गई है। आपको बता दें कि कार्यालय का कार्य करने के लिए एक अदद कंप्यूटर भी नही है, न ही कोई कर्मचारी फिर क्यों जनता को बेवकूफ बनाने के लिए इसे खोला गया यह सवाल सरकार और जन प्रतिनिधियों के लिए है।

यह भी पढ़ें 👉  मधुमक्खियों के दुश्मन ततैयों पर बिजली का पहरा, पंतनगर वैज्ञानिकों का अनोखा आविष्कार