उत्तराखण्ड खटीमा ज़रा हटके

नेपाल सीमा पर बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन अलर्ट, सचिव आपदा प्रबंधन ने किया निरीक्षण

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खटीमा – उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सचिव विनोद कुमार सुमन ने गुरुवार को खटीमा पहुंचकर नेपाल सीमा से लगे मेलाघाट क्षेत्र में जगबूढ़ा नदी के कटाव प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान सचिव आपदा प्रबंधन ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जहां बाढ़ सुरक्षा कार्य अत्यंत आवश्यक हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य शीघ्र शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा कार्यों की आवश्यकता है, वहां का प्रस्ताव और स्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि बजट उपलब्ध होते ही कार्य शुरू कराए जा सकें।

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इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से बातचीत कर क्षेत्र की समस्याओं और बाढ़ से होने वाले नुकसान की जानकारी भी ली।

निरीक्षण के बाद लोहियाहेड कैंप कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि वर्षाकाल शुरू होने से पहले सभी बाढ़ सुरक्षा कार्य पूरे कर लिए जाएं तथा संभावित आपदा को देखते हुए सभी विभाग पूरी तैयारी रखें।

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अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्र और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी उमाशंकर नेगी ने बताया कि नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में एसएसबी चौकी, मेलाघाट-सिसैया क्षेत्र तथा मोहम्मदपुर भुड़िया गांव को नदी कटाव से बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा कार्य आवश्यक हैं।

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सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, क्षेत्र पंचायत सदस्य अर्जुन कुमार, मनोज साही, रनदीप पोखरिया, उप जिलाधिकारी तुषार सैनी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई पीके दीक्षित, अधिशासी अभियंता आनंद सिंह नेगी सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।