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मतगणना टेबल पर विवाद, मतपत्र फाड़ने के आरोप के बाद नैनीताल रोड पर हंगामा

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हल्द्वानी – एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव की मतगणना के दौरान मंगलवार रात अध्यक्ष पद की टेबल पर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि मतगणना में बैठे एबीवीपी प्रत्याशी धीरज बिष्ट ने गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कुछ मतपत्र फाड़ दिए। घटना की सूचना बाहर पहुंचते ही कॉलेज परिसर और मुख्य गेट के बाहर माहौल गरमा गया। प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद मामला नैनीताल रोड तक पहुंच गया, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया।

कॉलेज के लाल बहादुर शास्त्री भवन में मतगणना चल रही थी। रात करीब 9:30 बजे अध्यक्ष पद की टेबल पर विवाद हुआ। आरोप है कि धीरज बिष्ट ने एनएसयूआई प्रत्याशी मेहुल साह से कुछ कहने के बाद मतगणना में गड़बड़ी का आरोप लगाया और मतपत्र फाड़ दिए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी मतगणना कक्ष में पहुंचे। पुलिस ने धीरज को अलग बैठाया और अपनी निगरानी में रखा।

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हर पेटी में मतों को लेकर उठाए सवाल

बताया गया कि एबीवीपी प्रत्याशी की ओर से अलग-अलग मतपेटियों में प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी और अन्य पदों के उम्मीदवारों को बराबर मत मिलने को लेकर सवाल उठाए गए थे। विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने एबीवीपी प्रत्याशी के समर्थकों को मतगणना कक्ष से बाहर कर दिया। इसके बाद मतगणना स्थल के दोनों गेट बंद कर दिए गए।

एसपी सिटी मनोज कत्याल के अनुसार, मतपत्र फाड़ने के मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

कॉलेज गेट से नैनीताल रोड तक पहुंचा विवाद

अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल के बढ़त बनाए रखने के बीच विवाद की सूचना बाहर पहुंची तो उनके और अन्य प्रत्याशियों के समर्थकों की भीड़ कॉलेज गेट के आसपास जुटने लगी। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और कुछ लोग सड़क पर बैठ गए।

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स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नैनीताल रोड से हटाया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी भी हुई। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को सड़क से हटाया। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया। मौके पर दर्जा राज्यमंत्री शंकर कोरंगा भी पहुंचे और अधिकारियों से बातचीत की।

250 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, फिर भी सड़क पर हंगामा

छात्रसंघ चुनाव की मतगणना को देखते हुए कॉलेज और आसपास के क्षेत्र में 250 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद मतगणना स्थल के बाहर प्रदर्शनकारी नैनीताल रोड तक पहुंच गए और यातायात प्रभावित हुआ। हालात बिगड़ने के बाद पुलिस ने सड़क खाली कराई।

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मतगणना के दौरान ही कॉलेज के बाहर वाहनों की भीड़ भी जुटी रही। कुछ समर्थक सड़क किनारे खड़े वाहनों की छतों पर चढ़कर नारेबाजी और जश्न मनाते नजर आए। इस दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।

बाइक सवारों के प्रदर्शन पर भी उठे सवाल

अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित होने से पहले ही कॉलेज के सामने समर्थकों की भीड़ बढ़ने लगी थी। इसी दौरान कई बाइक और स्कूटी पर लोग समूह में आते-जाते नजर आए। कुछ वाहनों पर लाठी-डंडे और रॉड होने की बात भी सामने आई। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद इस तरह के प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे।

प्रशासन के सामने अब मतपत्र फाड़े जाने की शिकायत की जांच के साथ-साथ मतगणना स्थल और आसपास की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती भी सामने आई है।