बागेश्वर – जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच मंगलवार को बागेश्वर-गरुड़ मुख्य मोटर मार्ग पर रवाईखाल के समीप भीषण भूस्खलन हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरने से मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
भूस्खलन इतना अधिक था कि मुख्य मार्ग पूरी तरह मलबे की चपेट में आ गया। मार्ग बंद होने से बागेश्वर से देहरादून जाने वाली बस सेवा भी प्रभावित हुई और बस रास्ते में ही फंस गई। अचानक मार्ग बंद होने से यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों की आवाजाही भी बाधित हो गई।
एक पुरानी जेसीबी के भरोसे मलबा हटाने का काम
स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े भूस्खलन के बावजूद सड़क खोलने के लिए मौके पर महज एक पुरानी जेसीबी मशीन लगाई गई है। मशीन की धीमी कार्यक्षमता के कारण मलबा हटाने में समय लग रहा है और मार्ग के जल्द खुलने की संभावना को लेकर यात्रियों में चिंता बनी हुई है।

मुख्य मार्ग लंबे समय से बाधित रहने के बावजूद स्थानीय लोगों के अनुसार शासन-प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी या प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी भी देखने को मिली।
स्कूल जाने वाले बच्चों को भी उठानी पड़ी परेशानी
मार्ग बंद होने का सबसे अधिक असर सुबह के समय आवाजाही करने वाले लोगों पर पड़ा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चे, शिक्षक और दफ्तर जाने वाले कर्मचारी मार्ग बाधित होने के कारण पैदल आवाजाही करने को मजबूर हुए। पहाड़ी क्षेत्र में लगातार बारिश के बीच मलबे और बोल्डरों से घिरे मार्ग पर पैदल चलना भी जोखिम से खाली नहीं है।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि रवाईखाल में तत्काल अतिरिक्त और आधुनिक मशीनें लगाई जाएं, ताकि भारी मात्रा में जमा मलबे और बोल्डरों को तेजी से हटाकर यातायात सुचारु किया जा सके। लोगों ने कहा कि महत्वपूर्ण मार्ग होने के कारण इसे जल्द से जल्द खोलना बेहद जरूरी है।

