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फायरिंग प्रकरण में शस्त्र लाइसेंस निरस्त, जन सुरक्षा को बनाया आधार

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नैनीताल – जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय, नैनीताल ने धारी तहसील के बबियाड़ निवासी शिवराम पुत्र स्व. पूरनराम का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया है। यह कार्रवाई शस्त्र धारण करने की उपयुक्तता और सार्वजनिक सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का आकलन करने के बाद की गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रकरण में शिवराम के पुत्र पर उनके लाइसेंसी बंदूक में कथित रूप से अनधिकृत तरीके से बारूद भरकर वादी पर फायर करने का आरोप है। इस घटना में वादी को चोट पहुंचने की बात सामने आई थी। मामले की पुलिस जांच में सामने आए निष्कर्षों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने प्रकरण का परीक्षण किया और शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया।

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शस्त्रों के दुरुपयोग पर रोक लगाने का उद्देश्य

प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य शस्त्रों के संभावित दुरुपयोग को रोकना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है। शस्त्र लाइसेंस जारी रखने की उपयुक्तता का आकलन करते समय जन सुरक्षा को महत्वपूर्ण आधार माना गया।

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जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने मामले से जुड़े तथ्यों और पुलिस जांच के निष्कर्षों पर विचार करने के बाद यह कार्रवाई की।