उत्तराखण्ड ज़रा हटके पौड़ी

पौड़ी में गुलदार का जानलेवा हमला, घास लेने गई महिला की मौत; गांव में दहशत

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पौड़ी गढ़वाल – उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। पौड़ी जिले में श्रीनगर-पौड़ी मार्ग पर खंडाह से करीब तीन किलोमीटर आगे ग्रामसभा बछेली के अंतर्गत तरौली गांव में गुलदार के हमले में एक महिला की मौत हो गई। शुक्रवार शाम हुई इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार, तरौली गांव निवासी बीना देवी (51) पत्नी बाल मुकुंद शुक्रवार शाम करीब पांच बजे घर से घास काटने के लिए नजदीकी जंगल की ओर गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि गुलदार ने महिला के गले पर हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

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देर तक घर नहीं लौटीं तो शुरू की तलाश

परिजनों के अनुसार, बीना देवी काफी देर तक घर नहीं लौटीं तो उनकी खोजबीन शुरू की गई। तलाश के दौरान उनका शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना पर राजस्व पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा आवश्यक कार्रवाई की।

गुलदार की सक्रियता से ग्रामीणों में भय

घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार की बढ़ती सक्रियता से लोगों के लिए जंगल की ओर जाना जोखिम भरा हो गया है। खासकर घास और चारा लेने जंगल जाने वाली महिलाओं तथा ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने, नियमित गश्त बढ़ाने और गुलदार की गतिविधियों पर निगरानी रखने की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को नियमानुसार उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई है।

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मानव-वन्यजीव संघर्ष ने बढ़ाई चिंता

पर्वतीय क्षेत्रों में आबादी के आसपास गुलदार की सक्रियता और मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लोगों के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। तरौली गांव की घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीवों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है।