रामनगर – बरसात के मौसम में पशुओं में फैलने वाली संक्रामक एवं किटजनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर पशुपालन विभाग ने दूरस्थ क्षेत्रों में भी अभियान तेज कर दिया है। मुख्य पशु चिकित्सालय नैनीताल के दिशा-निर्देशों के तहत राजकीय पशु चिकित्सालय रामनगर की टीम ने दुर्गम ग्राम चुकम में पशु चिकित्सा एवं टीकाकरण शिविर आयोजित किया।
शिविर में गोवंशीय पशुओं को लम्पी स्किन डिजीज (LSD) से बचाव के लिए टीके लगाए गए। इसके साथ ही पशुपालकों को आवश्यक औषधियां वितरित की गईं और बरसात के दौरान पशुओं को संक्रमण से बचाने के उपायों की जानकारी दी गई।
नदी में तेज बहाव, राफ्टिंग से गांव पहुंची टीम
चुकम गांव तक पहुंचने में इस समय नदी का तेज बहाव चुनौती बना हुआ है। नदी में अत्यधिक पानी होने के कारण ग्राम प्रधान चुकम की ओर से राफ्टिंग की व्यवस्था की गई। इसके माध्यम से पशुपालन विभाग की टीम सुरक्षित रूप से गांव पहुंची और शिविर आयोजित कर पशुओं का टीकाकरण किया।

पशु चिकित्सक डॉ. निधि ने ग्रामीणों और पशुपालकों को बरसात के मौसम में पशुओं को संक्रामक और किटजनित बीमारियों से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने पशुओं की नियमित निगरानी, साफ-सफाई और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया।
दूरस्थ क्षेत्रों में भी लगाए जाएं शिविर
चुकम में आयोजित शिविर को लेकर एसडीएम रामनगर ने पशुपालन विभाग के एसवीओ डॉ. राजीव कुमार से जानकारी ली। उन्होंने रामनगर विकासखंड के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी नियमित रूप से टीकाकरण और चिकित्सा शिविर आयोजित करने की अपेक्षा की।
विभाग की टीम ने ग्रामीणों को पशुओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूक किया और बीमारी की स्थिति में समय पर उपचार कराने की सलाह दी। विभाग का कहना है कि बरसात के दौरान पशुओं में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।

