रुद्रपुर – श्रमिकों की लंबित मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सोमवार को राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। संघ की ऊधमसिंह नगर जिला इकाई ने कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम 11 सूत्री ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में श्रमिक हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर तत्काल विचार कर आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान संघ पदाधिकारियों ने कहा कि देशभर के श्रमिक लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों के समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं। सरकार को श्रमिकों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
न्यूनतम वेतन 30 हजार करने की मांग
संघ ने अखिल भारतीय स्तर पर न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने की मांग की। इसके साथ ही कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की वेतन सीमा को 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग रखी गई।

ईपीएस पेंशन बढ़ाने पर जोर
ज्ञापन में न्यूनतम ईपीएस पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करने के साथ पेंशन में महंगाई भत्ता जोड़ने और पेंशनभोगियों को संपूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। वहीं ईपीएफ की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग भी उठाई गई।
बोनस और मानदेय में वृद्धि की मांग
भारतीय मजदूर संघ ने बोनस की गणना सीमा को सात हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये तथा बोनस पात्रता की वेतन सीमा को 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग की। आंगनबाड़ी समेत विभिन्न योजनाओं से जुड़े कर्मचारियों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
संघ ने श्रम संहिताओं में मौजूद श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाने, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 40 लाख रुपये करने तथा बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की मांग भी प्रमुखता से रखी।
प्रदर्शन के दौरान संघ पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों के हितों से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान होना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से ज्ञापन में उठाई गई सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया।

