रुद्रपुर – उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश रजवार ने विगत सप्ताह सामने आए पॉक्सो प्रकरण का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने पीड़ित बच्ची को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने, दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में समन्वित प्रयास तेज करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान योगेश रजवार ने बाल कल्याण समिति को निर्देशित किया कि पीड़ित बच्ची एवं उसके माता-पिता की नियमित काउंसलिंग कराई जाए, ताकि वे मानसिक रूप से इस कठिन परिस्थिति से उबर सकें। वहीं जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिए गए कि पीड़ित परिवार को सरकार की सभी पात्र कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।
उन्होंने पुलिस विभाग को मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे भविष्य में कोई भी इस प्रकार का जघन्य अपराध करने का साहस न कर सके।

योगेश रजवार ने होटलों, स्पा सेंटरों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर नियमित छापेमारी अभियान चलाने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि बाल सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी एवं निजी विद्यालयों में अभिभावकों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की जाएं और बच्चों की समय-समय पर काउंसलिंग भी कराई जाए। साथ ही पुलिस, महिला कल्याण विभाग और बाल कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में सभी विद्यालयों में पॉक्सो अधिनियम एवं बाल सुरक्षा से संबंधित जागरूकता अभियान संचालित किए जाएं।
उन्होंने सभी विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की समयबद्ध सहायता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी विभव सैनी, सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी, जिला प्रोबेशन अधिकारी व्योमा जैन, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. रत्नेश सिंह, सदस्य चंद्रकला, उमेश सिंह, गौरव तगड़ा, रजनीश बत्रा, सपोर्ट पर्सन दीपा, चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक चांदनी तथा विधि सह परिवीक्षा अधिकारी विनीत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

