देहरादून – उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) ने भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब राज्य लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र खोजने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। एडमिट कार्ड पर अंकित क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करते ही अभ्यर्थी सीधे अपने परीक्षा केंद्र की सटीक लोकेशन तक पहुंच सकेंगे।
इसके साथ ही उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने दोनों भर्ती आयोगों के लिए परीक्षा केंद्रों के चयन, पंजीकरण और प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बनाने के उद्देश्य से परीक्षा केंद्र प्रबंधन सिस्टम (Exam Centre Management System) विकसित किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब तक प्रदेशभर के 200 परीक्षा केंद्रों का पंजीकरण किया जा चुका है, जबकि अन्य केंद्रों को भी चरणबद्ध तरीके से इस प्रणाली से जोड़ा जा रहा है।
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत परीक्षा केंद्रों का केवल एक बार ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक नई परीक्षा के लिए आयोगों को बार-बार केंद्रों का पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों का वर्गीकरण उनकी बैठक क्षमता, तकनीकी सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर किया जाएगा। इससे आयोग परीक्षा की प्रकृति, संवेदनशीलता और अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार उपयुक्त परीक्षा केंद्रों का चयन आसानी से कर सकेगा।

इस पोर्टल की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि परीक्षा केंद्रों को सभी आवश्यक सूचनाएं स्वतः उपलब्ध होती रहेंगी। पंजीकरण से लेकर परीक्षा संचालन और उपस्थिति प्रेषण तक प्रत्येक चरण से संबंधित सूचना, निर्देश और अलर्ट केंद्रों को एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से भेजे जाएंगे। परीक्षा केंद्र ऑनलाइन माध्यम से अभ्यर्थियों की उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे, जिससे निगरानी, रिकॉर्ड प्रबंधन और परीक्षा संचालन अधिक सरल एवं पारदर्शी हो जाएगा।
आयोग के अनुसार परीक्षा केंद्र प्रबंधन सिस्टम में अब तक प्रदेश के विभिन्न जनपदों के कुल 200 परीक्षा केंद्र पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें अल्मोड़ा के 2, बागेश्वर के 9, चमोली के 24, चंपावत के 33, देहरादून के 31, हरिद्वार के 8, नैनीताल के 17, पौड़ी के 21, पिथौरागढ़ के 6, रुद्रप्रयाग के 13, टिहरी का 1, ऊधमसिंह नगर के 19 तथा उत्तरकाशी के 16 परीक्षा केंद्र शामिल हैं। आयोग का कहना है कि आने वाले समय में और भी परीक्षा केंद्र इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़े जाएंगे।
राज्य लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि इस नई डिजिटल प्रणाली से कागजी कार्यवाही में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा परीक्षा केंद्रों के साथ समन्वय अधिक प्रभावी होगा। इससे परीक्षा संचालन पारदर्शी, समयबद्ध और अधिक व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकेगा। साथ ही परीक्षा केंद्रों के चयन और प्रबंधन में आयोग का समय और संसाधनों की भी बचत होगी।

