देहरादून – देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को इसकी बड़ी वजह माना जा रहा है। लगातार बढ़ रही ईंधन कीमतों ने आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों और मध्यम वर्ग की चिंता भी बढ़ा दी है।
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा शनिवार को पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई। पिछले 10 दिनों में कुल मिलाकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगभग पांच रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है।
नई दरें लागू होने के बाद देहरादून में पेट्रोल की कीमत 97.85 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल 93.18 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। वहीं, सीएनजी उपभोक्ताओं को भी झटका लगा है। दून में सीएनजी के दामों में प्रति किलो तीन रुपये की वृद्धि की गई है, जिसके बाद सीएनजी 97 रुपये प्रति किलो बिक रही है।

ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। निजी वाहन चलाने वालों का मासिक खर्च बढ़ गया है, जबकि डीजल महंगा होने से ट्रक, बस और माल ढुलाई की लागत में भी इजाफा होने की आशंका है। इसका असर जल्द ही सब्जियों, फल, दूध और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह ऊंची बनी रहीं, तो आने वाले दिनों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने आमजन के घरेलू बजट को प्रभावित करना शुरू कर दिया है और लोग सरकार से राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

