नैनीताल/हल्द्वानी – भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में फोटोयुक्त विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के आधार पर प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (एसआईआर) को लेकर जनपद स्तर पर तैयारियों की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं आयोग द्वारा अधिसूचित विभागों के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से वर्ष 2025 की मतदाता सूची के मतदाताओं की मैपिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत की जा रही पूर्व तैयारियों की जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि प्रत्येक मतदाता की सही एवं शुद्ध मैपिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही अनमैप्ड मतदाताओं की सूची का गंभीरता से परीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में एआरओ नेट सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्राप्त विसंगतियों और अनियमितताओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में शत-प्रतिशत बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि एआरओ नेट में प्रदर्शित अनियमितताओं के आधार पर संबंधित मतदाताओं के बीच जागरूकता अभियान चलाया जाए और उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की जानकारी दी जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ई-रोल अपडेट से संबंधित कोई भी प्रपत्र “एक्सेप्टेड” स्थिति में लंबित न रहे तथा प्रपत्र-6, 7 और 8 निर्धारित समयसीमा से अधिक लंबित न रखे जाएं।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि आयोग के निर्देशानुसार सभी ईआरओ एवं एईआरओ के पास ECiNET में अकाउंट होना आवश्यक है तथा सभी अधिकारी सफलतापूर्वक सिस्टम में लॉग-इन कर सकें। साथ ही ECiNET ऐप सभी बीएलओ एवं संबंधित अधिकारियों के मोबाइल में डाउनलोड होना सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में नगर मजिस्ट्रेट एपी बाजपेई, उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे, तहसीलदार हल्द्वानी कुलदीप पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं वर्चुअल माध्यम से नगर आयुक्त हल्द्वानी सहित नैनीताल, रामनगर, धारी और कालाढूंगी के उपजिलाधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी जुड़े रहे।

