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32 कैमरे और 5 पिंजरों के बाद आखिरकार वन विभाग के शिकंजे में आया तेंदुआ,युवक को बनाया था निवाला

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हल्द्वानी – फतेहपुर रेंज के भद्यूनी गांव में युवक की मौत के बाद वन विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार देर रात वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ कैद हो गया। पकड़े गए तेंदुए को रेस्क्यू कर रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर भेज दिया गया है।

गौरतलब है कि 24 अप्रैल की सुबह भद्यूनी गांव निवासी कमल सिंह बिष्ट का अधखाया शव जंगल में मिला था। कमल सिंह भाजपा नेता नीरज बिष्ट के भाई थे। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया था और लोगों ने वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आदमखोर वन्यजीव को मारने की मांग की थी। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने वन अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी भी सुनाई थी।

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बताया जा रहा है कि अप्रैल माह में इस क्षेत्र के आसपास वन्यजीव हमले की यह तीसरी घटना थी, जिसके बाद वन विभाग ने इलाके में सघन निगरानी अभियान शुरू किया।

फतेहपुर रेंज के रेंजर प्रदीप असगोला ने बताया कि युवक की मौत के बाद घटनास्थल और आसपास के जंगल क्षेत्रों में 32 कैमरे लगाए गए थे। कैमरों के जरिए वन्यजीव की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी। इसके साथ ही पांच पिंजरे भी लगाए गए थे।

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रविवार रात करीब डेढ़ बजे एक तेंदुआ पिंजरे में फंस गया। सूचना मिलते ही फतेहपुर वन रेंज की टीम मौके पर पहुंची। वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु पांगती और पशु चिकित्सक डॉ. राहुल सती की मौजूदगी में तेंदुए का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया।

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वन विभाग ने फिलहाल तेंदुए को रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखा है। अधिकारियों के अनुसार आगे विशेषज्ञों की जांच और व्यवहार के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।