रुद्रपुर – शहर की विभिन्न बस्तियों में धार्मिक स्थलों से हो रहे ध्वनि प्रदूषण को लेकर महापौर विकास शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते कुछ दिनों से नागरिकों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए महापौर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा से वार्ता कर नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया है।
महापौर को विभिन्न मोहल्लों और बस्तियों से शिकायतें मिली थीं कि कुछ धार्मिक स्थलों, विशेषकर मस्जिदों में नियमों के विपरीत उच्च क्षमता वाले लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। इससे उत्पन्न तेज ध्वनि बच्चों की पढ़ाई, बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और आम नागरिकों की शांति में गंभीर व्यवधान पैदा कर रही है। साथ ही यह सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की गाइडलाइंस का भी उल्लंघन है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महापौर ने एसएसपी से विस्तार से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जाना आवश्यक है। महापौर के हस्तक्षेप के बाद एसएसपी ने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे धार्मिक स्थलों को चिन्हित करें, जहां नियमों की अनदेखी की जा रही है।

महापौर विकास शर्मा ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी भी धर्म की भावनाओं को आहत करना नहीं है, बल्कि कानून का पालन सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है, वहीं दिन के समय भी ध्वनि की तीव्रता निर्धारित डेसिबल सीमा के भीतर ही होनी चाहिए।
एसएसपी की ओर से आश्वासन दिया गया है कि पहले संबंधित धार्मिक स्थलों को चेतावनी दी जाएगी। यदि इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं किया गया, तो लाउडस्पीकर हटाने के साथ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। महापौर ने सभी धर्मगुरुओं और प्रबंधन समितियों से अपील की है कि वे सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए स्वेच्छा से नियमों का पालन करें, ताकि रुद्रपुर में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहे।

